बाड़मेर: सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली 9 स्लीपर बसें जब्त, 15 अगस्त तक जारी रहेगा अभियान
Barmer sleeper bus safety inspection drive transport department action update. बाड़मेर में एक ही दिन में 9 बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इन बसों में सेफ्टी समेत अन्य कमियां पाई गई।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
बाड़मेर जिले में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर परिवहन विभाग, पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के प्रमुख मार्गों पर स्लीपर और लग्जरी बसों की सघन जांच की। इस दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाली 9 बसों को जब्त कर लिया गया है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से जैसलमेर रोड और चौहटन सर्किल के पास अंजाम दी गई।
अभियान का नेतृत्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अजिताभ आचार्य के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। जिला मुख्यालय के अलावा गुड़ामालानी और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह विशेष जांच अभियान 15 अगस्त तक निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि यात्रियों की जान जोखिम में डालकर चलने वाली किसी भी बस को बख्शा नहीं जाएगा।
जांच में सामने आई गंभीर खामियां
संयुक्त टीम ने बसों को रुकवाकर बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान बसों में अग्निशमन यंत्रों (फायर एक्सटिंग्विशर) की कमी, इमरजेंसी एग्जिट का बंद होना और सीटिंग व्यवस्था में नियमों की अनदेखी जैसे गंभीर मामले सामने आए। अधिकारियों ने इंची टेप से बसों की डिक्की और अन्य ढांचागत मापदंडों की भी माप ली ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बसें निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुकेश कुमार ने बताया कि जांच का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जिन बसों में इमरजेंसी एग्जिट की सुविधा नहीं मिली या सुरक्षा उपकरण नदारद पाए गए, उन पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ उन्हें सीज करने की कार्रवाई की गई है। निरीक्षण के दौरान टीम ने यात्रियों से भी बातचीत की और उनसे बस में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया।
AIS-119 मानकों का पालन अनिवार्य
परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर मेघराज के अनुसार, सभी बसों के लिए ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (AIS-119) का पालन करना अनिवार्य है। इस मानक के तहत बस में मेडिकल किट की उपलब्धता, कम से कम चार इमरजेंसी एग्जिट और एक आदमकद इमरजेंसी गेट का होना आवश्यक है। यह व्यवस्था इसलिए जरूरी है ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में यात्री सुरक्षित और तेजी से बाहर निकल सकें।
हैरानी की बात यह है कि इस जांच अभियान के दौरान एक रोडवेज बस में भी सुरक्षा संबंधी कमियां पाई गई हैं। निजी बसों के साथ-साथ सरकारी वाहनों में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 15 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
आगे की राह और प्रशासन की चेतावनी
प्रशासन ने बस संचालकों को सख्त चेतावनी दी है कि वे अपने वाहनों में सुरक्षा उपकरणों को तुरंत दुरुस्त करवाएं। यदि भविष्य में किसी भी बस में मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उसके खिलाफ और अधिक कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान न केवल बाड़मेर शहर बल्कि पूरे जिले में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर जागरूक रहें और यदि किसी बस में इमरजेंसी एग्जिट या अन्य सुरक्षा सुविधाओं का अभाव दिखता है, तो इसकी सूचना तुरंत परिवहन विभाग को दें। प्रशासन का लक्ष्य आगामी दिनों में सड़क हादसों में कमी लाना और सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित बनाना है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
