बाड़मेर में अवैध बायो-डीजल का बड़ा खेल बेनकाब, एनएच-68 पर पुलिस की छापेमारी में तीन पिकअप जब्त
Barmer police raid NH-68, seize illegal bio-diesel stock and vehicles. बाड़मेर पुलिस ने बायो डीजल की सूचना पर एनएच 68 पर दो अलग-अलग जगह पर दबिश दी। बाड़मेर गादान इलाके में एक बाड़े में डीजलनुमा तरल पदार्थ बिना लाइसेंस का स्टॉक मिला है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

एनएच-68 पर पुलिस का बड़ा एक्शन
राजस्थान के बाड़मेर जिले में पुलिस ने अवैध बायो-डीजल के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नेशनल हाईवे-68 पर स्थित गादान इलाके में पुलिस ने सूचना के आधार पर छापेमारी की, जिसमें बिना लाइसेंस के डीजल जैसा तरल पदार्थ भारी मात्रा में बरामद किया गया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन पिकअप गाड़ियां भी जब्त की हैं, जिनका उपयोग इस अवैध सामग्री के परिवहन के लिए किया जा रहा था।
पुलिस को लंबे समय से इस इलाके में अवैध रूप से बायो-डीजल की खरीद-फरोख्त की सूचना मिल रही थी। इसी के चलते प्रशिक्षु डीएसपी मंजू चौहान के नेतृत्व में सदर थाना पुलिस की एक टीम ने संयुक्त रूप से दबिश दी। कार्रवाई के दौरान मौके से करीब 1000 लीटर से अधिक तरल पदार्थ बरामद किया गया है, जिसे ड्रमों में भरकर रखा गया था।
गुजरात कनेक्शन और अवैध भंडारण
प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ है कि यह तरल पदार्थ गुजरात से लाया जाता था और बाड़मेर के विभिन्न इलाकों में अवैध रूप से बेचा जाता था। पुलिस ने इस मामले में जुंझाराम नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जो ढूंढा कवास का निवासी बताया जा रहा है। पूछताछ में सामने आया है कि जिस बाड़े में यह स्टॉक रखा गया था, वह भूरसिंह नामक व्यक्ति की जमीन पर स्थित है।
सदर थाना प्रभारी देवीचंद ढाका ने बताया कि बरामद किए गए तरल पदार्थ के नमूने लिए गए हैं ताकि इसकी गुणवत्ता और प्रकृति की जांच की जा सके। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं और यह सामग्री किन-किन पेट्रोल पंपों या अन्य स्थानों पर सप्लाई की जा रही थी।
जब्त वाहन और आगे की कानूनी प्रक्रिया
पुलिस ने मौके से मिली तीनों पिकअप गाड़ियों को सील कर दिया है और उन्हें सदर थाना परिसर में खड़ा करवाया गया है। इन गाड़ियों का उपयोग इस संदिग्ध तरल पदार्थ को ढोने के लिए किया जाता था। पुलिस की टीम अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इन गाड़ियों के कागजात वैध हैं या नहीं और क्या इनका इस्तेमाल किसी अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी किया गया है।
फिलहाल, पुलिस की ओर से इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अवैध कारोबार से न केवल राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि आम जनता के वाहनों के लिए भी यह खतरनाक हो सकता है। पकड़े गए आरोपी से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे रैकेट के सरगना तक पहुंचा जा सके।
सुरक्षा और जांच का दायरा
बाड़मेर पुलिस की इस कार्रवाई ने उन लोगों में हड़कंप मचा दिया है जो बिना लाइसेंस के बायो-डीजल के नाम पर अवैध धंधा चला रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की छापेमारी जारी रहेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने संबंधित विभागों को भी सूचित किया है ताकि इस अवैध आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह से तोड़ा जा सके।
जांच के अगले चरण में पुलिस यह पता लगाएगी कि गुजरात से यह माल किस तरह से सीमा पार करके बाड़मेर तक पहुंच रहा था। इस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास ऐसी संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दें, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
