ब्रेकिंग
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव
उदयपुर: पुलिस हिरासत से चकमा देकर भागे दो नाबालिग चोर, पहाड़ियों में तलाश जारीभोपाल के कटारा हिल्स में तेंदुए की दस्तक: रिहायशी इलाकों में दहशत, पार्क में आवाजाही पर लगी रोकग्वालियर में हनीट्रैप का खौफ: ब्लैकमेलिंग से तंग आकर युवक ने की आत्महत्या, दंपति पर केस दर्जलखनऊ: लारी कार्डियोलॉजी सेंटर में हर साल 8500 से ज्यादा हार्ट अटैक मरीजों को मिल रहा नया जीवनसुपौल: अवैध लेनदेन के विवाद में युवक का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे के भीतर सकुशल कराया बरामदकरौली की बेटी प्रिया गुप्ता का कमाल: पहले ही प्रयास में NEET-PG में लहराया सफलता का परचमधौलपुर: पिकअप हादसे में 4 मौतों के बाद प्रशासन सख्त, पोखर किनारे से हटाए गए अवैध निर्माणझांसी के कारोबारी का रहस्यमय परिस्थितियों में निधन, मध्य प्रदेश की नदी में मिला शव

बाड़मेर: डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर 2 करोड़ ऐंठने वाली नर्स जेल भेजी गई, पुलिस खंगाल रही सबूत

बाड़मेर में 65 साल के डॉक्टर को उन्हीं के घर में ‘नजरबंद’ (डिजिटल अरेस्ट) कर 2 करोड़ रुपए हड़पने वाली नर्स को पुलिस रिमांड के बाद आज कोर्ट में पेश किया गया। महिला आरोपी को जोधपुर जेल भेजा गया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

24 जुलाई 20263 मिनट पढ़ें
बाड़मेर: डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर 2 करोड़ ऐंठने वाली नर्स जेल भेजी गई, पुलिस खंगाल रही सबूत
मूल स्रोत

डिजिटल अरेस्ट कर डॉक्टर को बनाया शिकार

राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक 65 वर्षीय डॉक्टर को उन्हीं के घर में 'डिजिटल अरेस्ट' कर 2 करोड़ रुपये की ठगी करने वाली नर्स को पुलिस ने जेल भेज दिया है। आरोपी महिला को पुलिस रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जोधपुर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित डॉक्टर ने बुधवार को अपनी ही अस्पताल में कार्यरत नर्स के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। डॉक्टर का आरोप है कि पिछले करीब 10 वर्षों से नर्स उन्हें ब्लैकमेल कर रही थी और इस दौरान उसने सैलरी के अलावा उनसे कुल 2 करोड़ रुपये की बड़ी रकम ऐंठ ली।

पुलिस रिमांड और साक्ष्यों की बरामदगी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था। 23 जुलाई को उसे अदालत में पेश कर एक दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया था। इस दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जुटाने का प्रयास किया।

थाना प्रभारी ने बताया कि रिमांड के दौरान महिला से विस्तृत पूछताछ की गई और उससे संबंधित सभी रिकॉर्ड कब्जे में ले लिए गए हैं। पुलिस ने महिला के पास मौजूद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, जैसे पेन ड्राइव और अन्य डिजिटल स्टोरेज डिवाइस की भी गहन जांच की है ताकि ठगी के पुख्ता सबूत मिल सकें।

बैंक खातों और सीसीटीवी फुटेज की जांच

जांच के दायरे में महिला के बैंक खाते और लॉकर भी शामिल हैं। पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन की बारीकी से पड़ताल की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि डॉक्टर से ली गई रकम का उपयोग कहां और कैसे किया गया। इसके अलावा, घटनास्थल और संदिग्ध स्थानों के सीसीटीवी फुटेज का भी विश्लेषण किया जा रहा है।

पुलिस का मानना है कि इस मामले में और भी कई परतें खुल सकती हैं। आरोपी नर्स की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस तकनीकी साक्ष्यों पर पूरी तरह निर्भर है। फिलहाल, पुलिस ने आवश्यक सबूत जुटा लिए हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

आरोपी नर्स का विवादित इतिहास

इस मामले में आरोपी नर्स का पिछला रिकॉर्ड भी चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, यह नर्स पूर्व में पंचायत चुनाव भी लड़ चुकी है। इसके अलावा, उसके निजी जीवन और पति के साथ चल रहे कानूनी विवादों के कारण भी वह सुर्खियों में रही है। बताया जा रहा है कि वह अपने घर में सीसीटीवी कैमरों के जरिए लोगों पर नजर रखती थी, जिससे उसकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट करने की यह घटना आम लोगों के लिए भी एक चेतावनी है कि वे साइबर ठगों और ब्लैकमेलरों से सावधान रहें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी होने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें