बांदा में 30 हजार कोडीन सिरप बरामदगी: मुख्य आरोपी की तलाश में मध्य प्रदेश और हमीरपुर तक पहुंची पुलिस
बांदा के बिसंडा क्षेत्र में 30 हजार शीशी कोडीनयुक्त प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद होने के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। मुख्य आरोपी प्रियांशु गुप्ता की तलाश में पुलिस की तीन टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बिसंडा क्षेत्र में भारी मात्रा में प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद होने के बाद पुलिस और औषधि विभाग की कार्रवाई तेज हो गई है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी प्रियांशु गुप्ता की धरपकड़ के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया है, जो राज्य की सीमाओं से बाहर जाकर भी साक्ष्य जुटा रही हैं।
मध्य प्रदेश और हमीरपुर तक फैला जांच का दायरा
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं, जिसके बाद जांच का दायरा बांदा से निकलकर पड़ोसी राज्यों तक पहुंच गया है। पुलिस की एक टीम मध्य प्रदेश में प्रियांशु गुप्ता से जुड़े एक गोदाम की तलाशी ले रही है, जहां प्रतिबंधित दवाओं के भंडारण की आशंका जताई जा रही है। वहीं, दूसरी टीम हमीरपुर भेजी गई है, जहां उस व्यक्ति की तलाश की जा रही है जिसके नाम पर कफ सिरप की खरीद के फर्जी बिल तैयार किए गए थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए आरोपियों के कॉल डिटेल और वित्तीय लेनदेन की भी बारीकी से जांच की जा रही है। अब तक की पड़ताल में यह स्पष्ट हुआ है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से प्रतिबंधित दवाओं की आपूर्ति कर रहा था।
मेडिकल स्टोरों पर औषधि विभाग का शिकंजा
इस मामले में ड्रग इंस्पेक्टर दिव्यप्रकाश मौर्य के नेतृत्व में औषधि विभाग ने अतर्रा स्थित दो मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी की। पहली कार्रवाई श्रीराम मेडिकल एजेंसी पर की गई, जो गिरफ्तार आरोपी रोहित पांडेय के पिता के नाम पर संचालित है। यहां से टीम ने एंटीबायोटिक दवाओं के नमूने लिए हैं।
दूसरी कार्रवाई मुख्य आरोपी प्रियांशु गुप्ता की श्याम मेडिकल एजेंसी पर हुई। हालांकि, मौके पर कोडीनयुक्त सिरप का स्टॉक नहीं मिला, लेकिन विभाग ने स्टोर के खरीद-बिक्री के सभी रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। औषधि विभाग ने प्रियांशु गुप्ता को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
निजी डॉक्टर की कार का कनेक्शन
जांच में एक निजी डॉक्टर की कार बरामद होने से मामला और उलझ गया है। डॉक्टर का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी रोहित पांडेय ने घर में आपातकालीन स्थिति का हवाला देकर उनसे कार मांगी थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस कार का उपयोग प्रतिबंधित सिरप की ढुलाई या सप्लाई के लिए तो नहीं किया गया था। डॉक्टर और आरोपियों के बीच किसी प्रकार के सांठगांठ की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का मुख्य फोकस अब मुख्य आरोपी प्रियांशु गुप्ता की गिरफ्तारी पर है। अधिकारियों का मानना है कि प्रियांशु के पकड़े जाने के बाद ही इस पूरे सिंडिकेट के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों के नाम सामने आ पाएंगे। फिलहाल, पुलिस की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!