बालाघाट: सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के नाम पर सरपंचों से वसूली करने वाले दो पत्रकार गिरफ्तार
Balaghat journalists arrested for taking bribe to remove CM Helpline complaints. बालाघाट में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का डर दिखाकर पंचायत सरपंचों से जबरन वसूली करने वाले दो पत्रकारों, संजय अजीत और अंकुश चौहान को पुलिस ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों को दीनदयाल पुरम कॉम्प्लेक्स के सामने 90 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सीएम हेल्पलाइन का डर दिखाकर सरपंचों से उगाही
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में पुलिस ने दो ऐसे कथित पत्रकारों को गिरफ्तार किया है, जो सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को हटाने का झांसा देकर पंचायत सरपंचों से जबरन वसूली कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों को रंगेहाथ 90 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान संजय अजीत और अंकुश चौहान के रूप में हुई है।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, लंबे समय से इन दोनों के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं। ये लोग खुद को पत्रकार बताकर पंचायतों में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का डर दिखाते थे। इनका मुख्य काम सरपंचों को यह विश्वास दिलाना होता था कि यदि उन्हें पोर्टल से शिकायतें हटवानी हैं, तो उन्हें मोटी रकम देनी होगी। इस तरह के दबाव में आकर कई सरपंचों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।
डिजिटल सबूतों के आधार पर कार्रवाई
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के खिलाफ कई ठोस सबूत मिले हैं। आरोपी संजय अजीत वसूली की रकम को सीधे अपने खाते में लेने के बजाय अपनी पत्नी और अन्य परिचितों के मोबाइल नंबरों से जुड़े फोन-पे और गूगल-पे के जरिए प्राप्त करता था। पुलिस ने इनके पास से व्हाट्सएप चैट और डिजिटल ट्रांजेक्शन के पुख्ता प्रमाण जुटाए हैं, जो उनकी संलिप्तता को साबित करने के लिए पर्याप्त हैं।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया। पीड़ित सरपंच की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों को रंगेहाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया। दीनदयाल पुरम कॉम्प्लेक्स के सामने जब आरोपी 90 हजार रुपये की राशि लेने पहुंचे, तो पहले से तैनात पुलिस टीम ने उन्हें धर दबोचा। पुलिस ने रिश्वत के नोटों के सीरियल नंबर पहले ही नोट कर लिए थे, जिससे आरोपियों का बचना नामुमकिन हो गया।
अन्य मामलों की भी हो रही जांच
पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि इन दोनों ने अब तक कुल कितनी पंचायतों को अपना शिकार बनाया है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई अन्य पंचायतों के सरपंचों से भी वसूली की जानकारी सामने आ सकती है। यदि जांच में जालसाजी या जबरन वसूली के नए मामले सामने आते हैं, तो आरोपियों के खिलाफ अलग से भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है। पुलिस ने अन्य सरपंचों से भी अपील की है कि यदि उनके साथ भी इसी तरह की कोई घटना हुई है, तो वे बिना डरे सामने आएं और शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस तरह के अवैध कार्यों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पेशे से जुड़ा हो।
फिलहाल, दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। उनके मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि वसूली के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। इस कार्रवाई से पंचायत प्रतिनिधियों ने राहत की सांस ली है, जो लंबे समय से इस गिरोह के डर के साये में काम कर रहे थे।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
