बहादुरगढ़: नगर परिषद चेयरपर्सन के पति पर टैक्स चोरी और नियमों को ताक पर रखकर रजिस्ट्री कराने के आरोप
कपूर राठी ने आरोप लगाया कि रमेश राठी ने अपने बेटे के नाम ब्लड डीड के माध्यम से किला नंबर 3082 और 3019 की जमीन की रजिस्ट्री कराते समय नियमों का उल्लंघन किया। उनका कहना है कि वर्ष 2014 में हरियाणा सरकार इन किला नंबरों को नेताजी नगर पार्ट-2 की स्वीकृत कॉलोनी में शामिल कर चुकी है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

हरियाणा के बहादुरगढ़ में नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी के पति रमेश राठी पर गंभीर आरोप लगे हैं। पैक्स के डायरेक्टर और इनेलो नेता कपूर राठी ने उन पर विकास शुल्क और प्रॉपर्टी टैक्स की चोरी करने का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर उन्होंने हरियाणा सरकार और संबंधित उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजी है, जिसमें निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
नियमों को दरकिनार कर रजिस्ट्री का आरोप
इनेलो नेता कपूर राठी का आरोप है कि रमेश राठी ने अपने बेटे के नाम पर ब्लड डीड के जरिए जमीन की रजिस्ट्री करवाते समय नियमों का घोर उल्लंघन किया है। विवादित जमीन के किला नंबर 30/8/2 और 30/19 को लेकर यह दावा किया गया है कि वर्ष 2014 में ही हरियाणा सरकार ने इन्हें 'नेताजी नगर पार्ट-2' की स्वीकृत कॉलोनी में शामिल कर लिया था। इसके बावजूद, रजिस्ट्री के समय इस जमीन को नगर परिषद की सीमा से बाहर का दिखाकर नियमों को धता बताया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, नगर परिषद क्षेत्र या किसी स्वीकृत कॉलोनी के अंतर्गत आने वाली जमीन की रजिस्ट्री के लिए नगर परिषद से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और प्रॉपर्टी आईडी का होना अनिवार्य है। आरोप है कि रमेश राठी ने इन अनिवार्य दस्तावेजों के बिना ही रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कर ली, जबकि आम नागरिकों के लिए ये औपचारिकताएं पूरी करना अनिवार्य होता है।
भाजपा पार्षद की भूमिका पर उठे सवाल
इस पूरे मामले में एक भाजपा पार्षद की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। कपूर राठी ने दावा किया है कि उक्त रजिस्ट्री में एक भाजपा पार्षद ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए हैं। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि चेयरपर्सन के पति के साथ-साथ गवाह बने पार्षद की भूमिका की भी गहन जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि नियमों के उल्लंघन में किन-किन लोगों की मिलीभगत रही है।
कपूर राठी ने जोर देकर कहा है कि यह मामला सीधे तौर पर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने और पद के दुरुपयोग से जुड़ा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल
इस गंभीर आरोप के सामने आने के बाद बहादुरगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि, अभी तक नगर परिषद चेयरपर्सन सरोज राठी, उनके पति रमेश राठी या नगर परिषद के किसी भी संबंधित अधिकारी की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और संबंधित पक्ष इन आरोपों का क्या जवाब देते हैं। सरकारी राजस्व की चोरी और नियमों की अनदेखी के इन आरोपों ने स्थानीय निकाय के कामकाज पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!