बागपत तिहरा हत्याकांड: पिता और दो बहनों की हत्या करने वाले बेटे को आजीवन कारावास
बागपत के बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में पिता और दो बहनों की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी बेटे को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

संपत्ति से बेदखल होने का लिया खौफनाक बदला
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड मामले में स्थानीय अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में घटित इस वारदात में पिता और दो सगी बहनों की हत्या करने वाले आरोपी बेटे को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। न्यायालय ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला घटना के करीब चार साल बाद आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था।
मामला 15 अगस्त 2022 का है, जब बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। मृतक बृजपाल और उनकी दो बेटियों, अनुराधा और ज्योति की हत्या के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था। इस मामले में मृतक की पत्नी शशि ने अपने ही बेटे अमर उर्फ लक्ष्य के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी।
धारदार हथियार से दिया वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया था कि आरोपी अमर का अपने पिता बृजपाल के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। अमर के गलत चाल-चलन और आदतों से परेशान होकर पिता ने उसे अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इस फैसले से अमर बेहद नाराज था। इसके अलावा, वह अपनी बहनों के घर से बाहर आने-जाने पर भी पाबंदी लगाना चाहता था, जिसका विरोध परिवार के अन्य सदस्य करते थे।
आरोपी ने 15 अगस्त 2022 को धारदार हथियार का इस्तेमाल कर अपने पिता बृजपाल की हत्या कर दी। जब उसकी दोनों बहनों, अनुराधा और ज्योति ने इसका विरोध किया, तो उसने उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद से ही वह जेल में बंद था।
अदालत में पेश किए गए ठोस सबूत
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और गवाह पेश किए। एडीजीसी अशोक सैनी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों को भी रिकॉर्ड पर लिया था। गवाहों के बयानों और पेश किए गए सबूतों के आधार पर अदालत ने अमर को दोषी पाया। न्यायाधीश ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और उस पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी अधिरोपित किया।
इस फैसले ने मृतक परिवार के रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों को न्याय मिलने का अहसास कराया है। हालांकि, एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत ने समाज में पारिवारिक रिश्तों की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई थीं, जिसके बाद ही कोर्ट ने यह कठोर निर्णय सुनाया है।
न्याय प्रक्रिया और भविष्य की स्थिति
अदालत के इस फैसले के बाद अब आरोपी को अपनी शेष सजा जेल में काटनी होगी। कानून के जानकारों का मानना है कि संपत्ति विवाद और पारिवारिक कलह के चलते हुई इस तरह की घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं। पुलिस ने भी इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए समय पर चार्जशीट दाखिल की थी, जिससे मामले का निस्तारण संभव हो सका।
इस तिहरे हत्याकांड ने बागपत के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया था। अब जबकि अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है, पीड़ित परिवार को कुछ हद तक राहत मिली है। प्रशासन ने भी इस मामले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए थे, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी रहे।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!