आजमगढ़: फर्जी खतौनी से 35 लाख की जमीन हड़पने वाला गिरोह गिरफ्तार, मास्टरमाइंड पर 20 से ज्यादा केस
मुख्य अभियुक्त सोमनाथ के विरुद्ध 20 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त क्रेटा कार भी बरामद किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों की ठगी का खुलासा
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में जमीन के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। अहरौला थाना पुलिस ने फर्जी खतौनी का सहारा लेकर 35 लाख रुपये की जमीन हड़पने के मामले में मास्टरमाइंड समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान घटना में इस्तेमाल की गई एक क्रेटा कार भी बरामद की है।
गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी सोमनाथ सेठ का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सोमनाथ के खिलाफ पहले से ही 20 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान सुधीर सेठ, इंद्रभूषण सेठ और मुन्नीलाल शर्मा के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी लंबे समय से लोगों को अपना निशाना बना रहे थे।
चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीम द्वारा संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक क्रेटा कार को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें सवार इन चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
आरोपियों का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। वे लोगों को फर्जी और कूट रचित खतौनी दिखाकर जमीन का सौदा तय करते थे। विश्वास में लेने के बाद वे पीड़ित से आरटीजीएस या नकद के माध्यम से बड़ी रकम ऐंठ लेते थे। पैसा लेने के बाद न तो वे जमीन का बैनामा करते थे और न ही रकम वापस लौटाते थे।
धमकी देकर करते थे पीड़ितों को चुप
जब पीड़ित अपने पैसे वापस मांगते थे, तो ये आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देकर डराते थे। इसी तरह की एक घटना से परेशान होकर दुर्गेश कुमार पांडे ने अतरौलिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसके आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए सभी आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वे संगठित होकर लोगों को जमीन के नाम पर ठगने का काम कर रहे थे। फिलहाल, पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
आगे की कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद सभी चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस गिरोह के पकड़े जाने से क्षेत्र के अन्य पीड़ितों को भी न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जमीन का सौदा करने से पहले दस्तावेजों की पूरी जांच सरकारी कार्यालयों में अवश्य कराएं।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!