अयोध्या में अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा: दो कुख्यात बदमाशों की खुली हिस्ट्रीशीट, अब हर गतिविधि पर नजर
अयोध्या पुलिस ने अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए दो आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर के निर्देश पर कोतवाली रुदौली और कोतवाली अयोध्या पुलिस द्वारा की गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

अयोध्या में अपराधों पर अंकुश लगाने और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नकेल कसने के लिए स्थानीय पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर के कड़े निर्देशों के बाद, पुलिस प्रशासन ने दो सक्रिय अपराधियों के खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोलने का निर्णय लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य इन बदमाशों की हर हरकत पर कड़ी निगरानी रखना और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।
मो. हसीब के खिलाफ दर्ज हैं आठ गंभीर मामले
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कोतवाली रुदौली क्षेत्र के फिरोजपुर मख्दूमी निवासी मो. हसीब उर्फ चुन्नू की गतिविधियों को देखते हुए उसके खिलाफ एचएस नंबर 08ए के तहत हिस्ट्रीशीट खोली गई है। हसीब का आपराधिक इतिहास वर्ष 2018 से शुरू होकर 2026 तक फैला हुआ है। पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, उसके खिलाफ कुल आठ मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी, धोखाधड़ी और घर में घुसकर हमला करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इसके अलावा, उस पर महिला संबंधी अपराध और एससी/एसटी एक्ट के तहत भी मामले दर्ज हैं। हसीब के खिलाफ रुदौली और पटरंगा थानों में भी कई मामले लंबित हैं।
दूसरे अपराधी की पहचान कोतवाली अयोध्या क्षेत्र के हल्कारा का पुरवा निवासी अमन हाशमी उर्फ गुलाम रब्बानी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ एचएस नंबर 07बी के तहत हिस्ट्रीशीट दर्ज की है। अमन हाशमी का आपराधिक रिकॉर्ड वर्ष 2021 से 2025 के बीच का है, जिसमें उस पर कुल छह मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में मुख्य रूप से मारपीट, रास्ता रोकना, तोड़फोड़ और धमकी देने जैसी धाराएं शामिल हैं। पुलिस ने इन दोनों के बढ़ते अपराधों को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया है।
निगरानी और सुरक्षा के लिए पुलिस की नई रणनीति
हिस्ट्रीशीट खुलने का सीधा अर्थ यह है कि अब इन दोनों अपराधियों की हर गतिविधि पुलिस की रडार पर होगी। पुलिस के अनुसार, इन व्यक्तियों के संपर्क, उनके आने-जाने के स्थानों और संदिग्ध गतिविधियों पर स्थानीय पुलिस लगातार नजर रखेगी। यह कार्रवाई न केवल इन अपराधियों को नियंत्रित करने के लिए है, बल्कि क्षेत्र के अन्य असामाजिक तत्वों के लिए भी एक चेतावनी है कि कानून का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि अयोध्या में शांति और सुरक्षा बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराधियों के रिकॉर्ड को खंगालने और उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया को तेज करने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। पुलिस विभाग का मानना है कि इस प्रकार की निरोधात्मक कार्रवाई से भविष्य में अपराध की घटनाओं में कमी आएगी और आम जनता में सुरक्षा का भाव मजबूत होगा।
कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन सख्त
अयोध्या पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद, इन अपराधियों के लिए किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि करना अब और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे उन सभी व्यक्तियों की सूची तैयार कर रहे हैं जो बार-बार अपराधों में संलिप्त पाए जा रहे हैं। आने वाले समय में अन्य सक्रिय अपराधियों के खिलाफ भी इसी तरह की सख्त कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत किया है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों पर नकेल कसने के लिए वे पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब पुलिस की विशेष टीमें इन हिस्ट्रीशीटरों के हर कदम पर नजर बनाए रखेंगी ताकि क्षेत्र में कानून का राज कायम रहे।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!