अयोध्या: जर्जर सड़क से परेशान जैसुखपुर के 2000 ग्रामीण, स्कूली बच्चों की जान पर बन आई आफत
Rudauli Jaisukhpur village road condition viral video update. प्रदेश सरकार जहां सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने और बेहतर संपर्क के दावे कर रही है, वहीं रुदौली तहसील क्षेत्र के जैसुखपुर गांव का एकमात्र संपर्क मार्ग इन दावों की हकीकत बयां कर रहा है। सोशल मीडिया पर इस सड़क का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बारिश के बाद लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करते देखा जा सकता है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

दावों के उलट बदहाल है जैसुखपुर का संपर्क मार्ग
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के तमाम दावों के बीच अयोध्या जिले के रुदौली तहसील क्षेत्र से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। मवई ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले जैसुखपुर गांव का मुख्य संपर्क मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। सड़क की बदहाली का आलम यह है कि बारिश के मौसम में यहां से गुजरना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। इस बदहाल सड़क का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।
इस मार्ग का उपयोग जैसुखपुर गांव के लगभग 2000 ग्रामीण प्रतिदिन करते हैं। इसमें बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं, जो अपनी शिक्षा के लिए इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी दूभर हो गया है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए तो यह रास्ता किसी जोखिम से कम नहीं है, जहां आए दिन वाहन फंसने की घटनाएं आम हो गई हैं।
स्कूली बच्चों की जान पर मंडरा रहा खतरा
स्थानीय निवासियों रंजीत यादव, राधेश्याम, दीपक कुमार, बैजनाथ, देवी प्रसाद और महेश कुमार ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण हाल ही में एक बड़ा हादसा होते-होते टला। स्कूल के बच्चों को ले जा रहा एक वाहन सड़क के गड्ढों के कारण अनियंत्रित होकर पलटने से बाल-बाल बचा। इस घटना के बाद से अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारी दहशत है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क की मरम्मत जल्द नहीं की गई, तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई है, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। धरातल पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण उन्हें रोजाना जान जोखिम में डालकर आवागमन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
बरसात में और गंभीर हो जाती है स्थिति
मानसून के दौरान इस सड़क की स्थिति और भी विकट हो जाती है। कीचड़ और जलभराव के कारण मरीजों को अस्पताल ले जाने में भारी कठिनाई होती है। बुजुर्गों और स्कूली बच्चों के लिए यह रास्ता किसी बाधा से कम नहीं है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि यदि इस जर्जर सड़क के कारण कोई अनहोनी होती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
ग्रामीणों ने अब लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी मांग है कि सड़क का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए ताकि हजारों लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से मौके का निरीक्षण करने और सड़क की मरम्मत को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आग्रह किया है ताकि गांव का संपर्क शहर से सुगम हो सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
