औरंगाबाद हिंसा: पुलिस ने जारी की 106 उपद्रवियों की तस्वीरें, पहचान बताने वालों की जानकारी रहेगी गुप्त
औरंगाबाद में 25 जुलाई को यानी शनिवार को शहर के रमेश चौक पर हिंसक प्रदर्शन हुआ था। उपद्रव, पुलिस पर हमले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पुलिस ने 106 संदिग्ध उपद्रवियों की तस्वीरें जारी की हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

बिहार के औरंगाबाद में बीते शनिवार को रमेश चौक पर हुई हिंसक घटनाओं के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। 25 जुलाई को हुए उपद्रव के दौरान प्रदर्शनकारियों ने न केवल सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर भी जानलेवा हमला किया था। इस मामले में अब पुलिस ने 106 संदिग्ध उपद्रवियों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं।
सीसीटीवी और वीडियो फुटेज से हुई पहचान
पुलिस प्रशासन ने घटना के बाद से ही तकनीकी साक्ष्यों को जुटाना शुरू कर दिया था। उपद्रव के दौरान मौके पर मौजूद रही पुलिस टीम ने वीडियोग्राफी के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को भी साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया गया है। इन सभी तकनीकी इनपुट के आधार पर 106 ऐसे लोगों की पहचान की गई है, जो हिंसा में सीधे तौर पर शामिल थे।
जारी की गई तस्वीरों में प्रत्येक संदिग्ध को एक क्रम संख्या दी गई है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में इन सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आम नागरिकों से सहयोग की अपील
औरंगाबाद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे इन तस्वीरों को ध्यान से देखें और यदि किसी व्यक्ति को पहचानते हैं, तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम और पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी। नागरिकों की सुरक्षा और गोपनीयता को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने तीन विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
जो भी नागरिक इन उपद्रवियों के बारे में जानकारी देना चाहते हैं, वे 9031826306, 9031826335 और 9031673592 नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। पुलिस का कहना है कि प्राप्त सूचनाओं का सत्यापन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी ताकि किसी निर्दोष को परेशानी न हो।
हिंसा में घायल हुए थे कई पुलिसकर्मी
रमेश चौक पर हुई उस हिंसा में स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। उपद्रवियों ने लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से पुलिस दल पर हमला किया, जिसमें कई जवान घायल हुए। इतना ही नहीं, हिंसा के दौरान वहां मौजूद मीडियाकर्मियों और आम राहगीरों को भी निशाना बनाया गया। सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की गई, जिससे शहर में दहशत का माहौल बन गया था।
वर्तमान में शहर की स्थिति पर जिला प्रशासन की पैनी नजर है। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और लगातार गश्त की जा रही है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य शहर में शांति और कानून-व्यवस्था को बहाल रखना है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई भी असामाजिक तत्व शांति भंग करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
