औरंगाबाद में आकाशीय बिजली का कहर: खेत में काम कर रहे किसान की मौत, चार महिलाएं झुलसीं
औरंगाबाद में बुधवार शाम आकाशीय बिजली से एक किसान की मौत हो गई। खेत में काम कर रही थीं चार महिलाएं भी घायल हो गईं।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

खेत में काम के दौरान हुआ हादसा
बिहार के औरंगाबाद जिले में बुधवार की शाम प्रकृति का कहर देखने को मिला। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के परसडीह गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना में खेत में काम कर रही चार अन्य महिलाएं भी गंभीर रूप से झुलस गई हैं। घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम का माहौल है।
मृतक की पहचान परसडीह गांव निवासी विजय यादव के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, विजय अपने खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक मौसम बदला और बिजली गिर गई। हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए झुलसी हुई महिलाओं को इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और परिजनों का हाल
घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक किसान के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। मुफस्सिल थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने जानकारी दी कि पोस्टमार्टम की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
विजय यादव अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनके निधन से उनके दो बेटों और एक बेटी के सिर से पिता का साया उठ गया है। घर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार के सदस्यों के लिए यह क्षति अपूरणीय है।
परिवार पर टूटा आर्थिक संकट
ग्रामीणों ने बताया कि विजय यादव खेती-बाड़ी के जरिए अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वह अपने बेटे को कोटा में पढ़ा रहे थे और उसकी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे। एक कमाऊ सदस्य के अचानक चले जाने से अब परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की शिक्षा और भविष्य को लेकर परिवार चिंतित है।
घटना की जानकारी मिलने पर जिला पार्षद अनिल यादव ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने विजय यादव को एक मिलनसार और सामाजिक व्यक्ति बताया। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा दिया जाए ताकि परिवार को इस कठिन समय में कुछ संबल मिल सके।
प्रशासनिक सतर्कता की आवश्यकता
बिहार में मानसून और बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खुले खेतों में काम करने वाले किसान इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी है।
फिलहाल, सदर अस्पताल में भर्ती झुलसी महिलाओं की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाए ताकि वे इस आर्थिक और मानसिक संकट से उबर सकें।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!