अलवर: एनईबी थाना प्रभारी सीमा सिनसिनवार 13 दिन में ही पुलिस लाइन अटैच, नए इंचार्ज ने संभाला कार्यभार
Alwar NEB Police Station Incharge Seema Sinsinwar transferred to police lines after 13 days. अचानक मैडम को हटाने के कारण सामने नहीं आए। इतना जरूर है कि उनको हटाने की चर्चा पुलिस महकमे में भी खूब है।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

महज 13 दिन में हुआ बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
राजस्थान के अलवर जिले में पुलिस महकमे से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। एनईबी थाना प्रभारी सीमा सिनसिनवार को उनके पद से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि उन्हें इस थाने की जिम्मेदारी संभाले हुए अभी केवल 13 दिन ही हुए थे। इस अचानक हुए तबादले के बाद पुलिस विभाग के गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
सीमा सिनसिनवार को 11 जुलाई को एनईबी थाने का कार्यभार सौंपा गया था, इससे पहले वे अकबरपुर थाने में तैनात थीं। हालांकि, 24 जुलाई को उन्हें अचानक लाइन हाजिर करने के आदेश जारी कर दिए गए। अब उनकी जगह चुन्नी लाल ने नए थाना प्रभारी के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। इस बदलाव के बाद कई लोग उन्हें बधाई देने थाने पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें उनके हटने की जानकारी मिली।
विभागीय जांच और वरिष्ठ अधिकारियों से अनबन की चर्चा
इस अचानक हुए तबादले के पीछे के ठोस कारणों का अभी तक आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं हुआ है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि सीमा सिनसिनवार के खिलाफ पहले से ही एक विभागीय जांच चल रही थी। नियमों के अनुसार, जांच लंबित रहने के दौरान उन्हें फील्ड पोस्टिंग नहीं दी जानी चाहिए थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें थाना प्रभारी नियुक्त किया गया था।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला पुलिस महानिरीक्षक (IG) स्तर तक पहुंचा था, जिसके बाद पुलिस महानिदेशक (DG) कार्यालय से अलवर पुलिस अधीक्षक को कड़े निर्देश मिले। इन निर्देशों के प्राप्त होते ही एसपी सुधीर चौधरी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन भेजने की कार्रवाई की। पुलिस विभाग के भीतर इसे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल की कमी और अनबन के परिणाम के रूप में देखा जा रहा है।
अन्य थाना प्रभारियों पर भी गिरी गाज
एनईबी थाना प्रभारी के अलावा, बगड़ थानाधिकारी विनोद सामरिया का मामला भी चर्चा में है। सामरिया का तबादला पहले अलवर से झुंझुनूं किया गया था, लेकिन वे कार्यमुक्त नहीं हुए थे। अब उन्हें कोटा के लिए रिलीव कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि कार्मिक विभाग के एक उच्च अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद उनकी रेंज में बदलाव किया गया है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि जिले के एक प्रभावशाली उद्योगपति के साथ हुई बहस के बाद विनोद सामरिया की रेंज बदलने का निर्णय लिया गया। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल, अलवर पुलिस में हुए इन ताबड़तोड़ तबादलों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।
आगे की स्थिति
नए थाना प्रभारी चुन्नी लाल ने एनईबी थाने की कमान संभाल ली है और अब वे क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने का काम करेंगे। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है और आधिकारिक तौर पर केवल प्रशासनिक प्रक्रिया का हवाला दिया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो पाएगा कि क्या इन तबादलों के पीछे कोई और बड़ी वजह है या यह केवल एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
