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अलवर निकाय चुनाव: कांग्रेस जल्द जारी करेगी सूची, भाजपा ने जनता से फीडबैक के लिए तैयार किया पैनल

नगर निकाय चुनाव की सुगबुगाहट के बीच अलवर की स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस जहाँ अगले दो दिनों में वार्ड पार्षदों के लिए अपनी पहली प्रत्याशी सूची जारी करने की तैयारी में जुटी है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दावेदारों के पैनल तैयार आमजन से उनका फीडबैक लिया जा रहा है।

मुश्ताक अहमद खान

मुश्ताक अहमद खान

Editor In Chief

23 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
अलवर निकाय चुनाव: कांग्रेस जल्द जारी करेगी सूची, भाजपा ने जनता से फीडबैक के लिए तैयार किया पैनल
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अलवर में चुनावी सरगर्मी तेज: प्रत्याशियों के चयन में जुटी पार्टियां

अलवर में आगामी नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह से गर्म हो गया है। प्रमुख राजनीतिक दल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपनी चुनावी बिसात बिछाने में जुट गए हैं। दोनों ही दलों ने वार्ड पार्षदों के चयन के लिए अपनी प्रक्रिया तेज कर दी है, जिससे स्थानीय स्तर पर दावेदारों की धड़कनें बढ़ गई हैं।

कांग्रेस आगामी दो दिनों के भीतर वार्ड पार्षदों के लिए अपनी पहली सूची जारी करने की तैयारी कर रही है। वहीं, दूसरी ओर बीजेपी ने एक अलग रणनीति अपनाते हुए आमजन से फीडबैक लेने का निर्णय लिया है। पार्टी ने प्रत्येक वार्ड के लिए दावेदारों का एक पैनल तैयार किया है, ताकि जनता की पसंद को प्राथमिकता दी जा सके।

बीजेपी की रणनीति: जनता की राय को प्राथमिकता

बीजेपी जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता के अनुसार, पार्टी को टिकट के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। वन राज्य मंत्री संजय शर्मा और मंडल अध्यक्षों के पास भी बायोडाटा जमा किए गए हैं। पार्टी ने हर वार्ड के लिए पांच-पांच दावेदारों का एक पैनल बनाया है। इन पैनलों को क्षेत्र में भेजा जा रहा है ताकि आम जनता से फीडबैक लिया जा सके और केवल सर्वमान्य उम्मीदवार को ही चुनावी मैदान में उतारा जाए।

पार्टी के भीतर वार्ड-36 से पूर्व विधायक बनवारी लाल सिंघल और नीलेश खंडेलवाल, वार्ड-15 से दिनेश गुप्ता व प्रमोद विजय, वार्ड-32 से धीरज जैन, वार्ड-28 से सुमन चौधरी, वार्ड-3 से सुनील मेठी और वार्ड-61 से सतीश यादव जैसे नामों की चर्चा जोरों पर है।

कांग्रेस में दावेदारों की लंबी कतार

कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत ने जानकारी दी कि अलवर के 65 वार्डों के लिए पार्टी को 400 से अधिक आवेदन मिले हैं। कुछ वार्डों में तो दावेदारों की संख्या 15 तक पहुंच गई है। कांग्रेस के प्रमुख दावेदारों में महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष कमलेश सैनी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष रमन सैनी, पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश मिश्रा, जोगेंद्र कोचर, विक्रम यादव, नरेंद्र मीणा और नारायण साईवाल जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

मेयर पद के लिए अनारक्षित महिला सीट होने के कारण राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। भाजपा में कई दिग्गज नेता अपनी पत्नियों या परिवार की महिलाओं को चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहे हैं। इस बीच, पूर्व सभापति अजय अग्रवाल की माता के निधन से पार्टी कार्यकर्ताओं में शोक का माहौल है, जिसके चलते कुछ राजनीतिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।

आरक्षण का गणित और चुनावी भविष्य

अलवर के 65 वार्डों में आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होने के बाद दावेदारों ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। वार्डों के आरक्षित और अनारक्षित होने से कई पुराने पार्षदों को अपनी सीट बदलनी पड़ रही है। अनारक्षित महिला मेयर सीट ने सामान्य वर्ग की महिला दावेदारों की संभावनाओं को काफी मजबूत कर दिया है।

आने वाले कुछ दिन अलवर की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। कांग्रेस की पहली सूची जारी होने के बाद राजनीतिक तस्वीर और अधिक साफ हो जाएगी। वहीं, बीजेपी का फीडबैक आधारित चयन मॉडल कितना सफल रहता है, यह चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल, दोनों ही दल कार्यकर्ताओं के असंतोष को थामने और जिताऊ उम्मीदवार चुनने की चुनौती का सामना कर रहे हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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