दिल्ली एयरपोर्ट पर अलायंस एयर की इमरजेंसी लैंडिंग, इंजन में तकनीकी खराबी के बाद सुरक्षित उतरा विमान
अलायंस एयर के एक विमान का इंजन खराब होने के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर इसकी इमरजेंसी लैंडिंग की गई। विमान में 40 पैसेंजर और 4 क्रू मेंबर सवार थे।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

प्रयागराज से दिल्ली आ रही फ्लाइट में तकनीकी समस्या
राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आज एक बड़ी विमानन घटना टल गई। अलायंस एयर की एक फ्लाइट, जो प्रयागराज से दिल्ली की ओर आ रही थी, को तकनीकी खराबी के चलते आपातकालीन स्थिति में उतारना पड़ा। विमान में सवार सभी यात्री और क्रू मेंबर्स सुरक्षित बताए जा रहे हैं, जिससे एक संभावित बड़ा हादसा होने से बच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विमान बिलासपुर-प्रयागराज-दिल्ली मार्ग पर संचालित होता है। दोपहर करीब 2:15 बजे जब विमान दिल्ली के हवाई क्षेत्र के करीब था, तभी पायलट को विमान के एक इंजन में तकनीकी समस्या का आभास हुआ। सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पायलट ने तुरंत दिल्ली एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) से संपर्क साधा और इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति मांगी।
इंजन में ऑयल प्रेशर कम होने से मचा हड़कंप
विमानन कंपनी के प्रवक्ता ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह एक एटीआर 72-600 ट्विन-इंजन टर्बोप्रॉप विमान था। उड़ान के दौरान विमान के बाएं इंजन में ऑयल प्रेशर अचानक कम हो गया था, जो एक गंभीर तकनीकी संकेत है। हालांकि, चालक दल ने पूरी सूझबूझ का परिचय दिया और विमान को सुरक्षित रूप से रनवे पर उतार लिया।
विमान में कुल 40 यात्री और 4 क्रू मेंबर्स सवार थे। लैंडिंग के समय हवाई अड्डे पर एहतियात के तौर पर आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया था। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना के कारण हवाई अड्डे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई।
विमानन सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
हाल के दिनों में विमानों में तकनीकी खराबी और सुरक्षा संबंधी घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश भर में विमानन सुरक्षा को लेकर कड़े मानक अपनाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इंजन में ऑयल प्रेशर का कम होना एक महत्वपूर्ण तकनीकी खामी है, जिसकी गहन जांच की जानी आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों के अनुसार, ऐसी किसी भी तकनीकी खराबी के बाद विमान को तब तक उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाती जब तक कि तकनीकी टीम उसे पूरी तरह से फिट घोषित न कर दे। अलायंस एयर के इंजीनियरों की टीम अब विमान के इंजन की विस्तृत जांच में जुट गई है ताकि खराबी के मूल कारणों का पता लगाया जा सके।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि
विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि पायलट द्वारा समय रहते लिए गए निर्णय ने किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोक दिया। इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान चालक दल ने कोई भी पैनिक स्थिति घोषित नहीं की थी, जिससे यात्रियों में घबराहट कम रही। विमान के सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से उनके गंतव्य तक पहुँचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आने वाले दिनों में इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। फिलहाल, विमान को दिल्ली एयरपोर्ट पर ही रखा गया है और तकनीकी टीम द्वारा इसकी गहन जांच की जा रही है। सुरक्षा मानकों के प्रति एयरलाइंस की जवाबदेही तय करने के लिए इस तरह की घटनाओं की जांच अनिवार्य होती है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!