अजमेर को मिली बड़ी सौगात: 20 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक बालिका सैनिक स्कूल
अजमेर के हाथीखेड़ा क्षेत्र में 20 करोड़ की लागत से बालिका सैनिक स्कूल बनेगा। सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शिलान्यास किया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

अजमेर के शैक्षणिक परिदृश्य में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। हाथीखेड़ा क्षेत्र में प्रदेश की बेटियों के लिए एक विशेष बालिका सैनिक स्कूल की नींव रखी गई है। लगभग 20.31 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह संस्थान छात्राओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें सैन्य प्रशिक्षण के अनुरूप अनुशासित और नेतृत्व क्षमता से लैस वातावरण भी उपलब्ध कराएगा।
15 महीने में पूरा होगा निर्माण कार्य
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोमवार को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किया। लगभग 30 एकड़ के विशाल भू-भाग पर विकसित होने वाले इस स्कूल के निर्माण के लिए 15 महीने की समय सीमा निर्धारित की गई है। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो ताकि अगले शैक्षणिक सत्र से ही स्कूल में कक्षाओं का संचालन विधिवत रूप से शुरू किया जा सके।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह संस्थान अजमेर के लिए एक बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह स्कूल प्रदेश की छात्राओं में राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत करने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा परिसर
बालिका सैनिक स्कूल का परिसर आधुनिक सुविधाओं का केंद्र होगा। योजना के अनुसार, यहाँ एक अत्याधुनिक एकेडमिक ब्लॉक के साथ-साथ छात्राओं के रहने के लिए सुसज्जित छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। प्रशासनिक कार्यों के लिए अलग भवन और शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए आवासीय क्वार्टर भी परिसर का हिस्सा होंगे।
खेलकूद और शारीरिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देते हुए परिसर में परेड ग्राउंड, बास्केटबॉल कोर्ट, वॉलीबॉल कोर्ट और टेनिस कोर्ट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा, इंडोर गेम्स हॉल, पार्किंग, आंतरिक सड़कें और सुदृढ़ बाउंड्री वॉल का निर्माण भी परियोजना का मुख्य हिस्सा है, जिससे छात्राओं को एक सुरक्षित और सर्वांगीण विकास वाला वातावरण मिल सके।
अतिक्रमण मुक्त जमीन पर तैयार हो रहा भविष्य
उल्लेखनीय है कि इस स्कूल के लिए आवंटित जमीन को लेकर प्रशासन ने पहले ही सख्त रुख अपनाया था। हाल ही में अजमेर विकास प्राधिकरण ने हाथीखेड़ा स्थित इस 30 एकड़ भूमि से अतिक्रमण हटाया था। वहां बने पक्के निर्माण और भट्टियों को हटाकर जमीन को पूरी तरह से स्कूल के लिए सुरक्षित किया गया, ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए।
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी और मंडल अध्यक्ष विक्रम सिंह सहित कई अन्य पदाधिकारी इस अवसर पर मौजूद रहे। ग्रामीणों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
आने वाले समय में यह सैनिक स्कूल न केवल अजमेर बल्कि पूरे राजस्थान की छात्राओं के लिए एक प्रेरणा केंद्र बनेगा। अनुशासन, शिक्षा और सैन्य प्रशिक्षण का यह अनूठा संगम बेटियों को भविष्य के सशक्त नागरिक के रूप में गढ़ने का कार्य करेगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!