अजमेर: सरकारी जमीन बेचकर 42 लाख की ठगी करने वाला पूर्व पार्षद और हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार
सरकारी जमीन पर बनी दुकानें बेचकर चटाईगंज निवासी एक महिला से 42 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोपी पूर्व पार्षद एवं हिस्ट्रीशीटर अलीम खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी अपना मोबाइल फोन बंद कर फरारी काट रहा था।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

अजमेर में सरकारी जमीन के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा
अजमेर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व पार्षद और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर अलीम खान को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने सरकारी भूमि पर बनी दुकानों को निजी संपत्ति बताकर एक महिला से 42 लाख रुपये की ठगी की। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब चटाईगंज निवासी जीनत ने सिविल लाइंस थाने में अलीम खान के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने केसरपुरा क्षेत्र में सड़क किनारे स्थित दुकानों का सौदा किया और उनसे 42 लाख रुपये ऐंठ लिए। बाद में पता चला कि ये दुकानें सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनी हुई थीं।
आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अलीम खान केवल इस मामले तक सीमित नहीं है। उसके खिलाफ अजमेर के विभिन्न थानों में पहले से ही करीब 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह एक हिस्ट्रीशीटर है और लंबे समय से पुलिस की निगरानी सूची में शामिल रहा है। इस बार की धोखाधड़ी के बाद उसने पीड़िता को रुपये लौटाने से साफ इनकार कर दिया और जान से मारने की धमकी भी दी।
मुकदमा दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया और शहर से फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया था। सिविल लाइंस थानाधिकारी शंभू सिंह के नेतृत्व में पुलिस लगातार उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी।
पीसांगन के गांव से हुई गिरफ्तारी
जांच टीम को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी अजमेर के पीसांगन स्थित अलीपुरा गांव में छिपकर रह रहा है। सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस टीम ने वहां दबिश दी और अलीम खान को धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा के बीच अजमेर लाया गया।
सीओ नॉर्थ शिवम जोशी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने इस तरह के और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। साथ ही, उसके द्वारा बेची गई अन्य संपत्तियों के दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
इस मामले में सिविल लाइंस पुलिस की टीम, जिसमें हेड कॉन्स्टेबल जगदीश और कॉन्स्टेबल सौदान शामिल थे, ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ दर्ज पुराने मामलों और इस नई धोखाधड़ी के आधार पर उसे सख्त सजा दिलाने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना के बाद सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संपत्ति का सौदा करने से पहले उसके मालिकाना हक और सरकारी रिकॉर्ड की पूरी जांच जरूर कर लें, ताकि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
