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आगरा: एसएन मेडिकल कॉलेज में ECG के नाम पर अवैध वसूली का वीडियो वायरल, 68 की जगह वसूले जा रहे 300 रुपये

SN Medical College Agra ECG scam viral video patient exploitation overcharging report. एसएन मेडिकल कॉलेज एक बार फिर सवालों के घेरे में है। अब तक अस्पताल में मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदने पड़ने और जरूरी दवाओं की उपलब्धता को लेकर आरोप लगते रहे हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

28 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 1.5K
आगरा: एसएन मेडिकल कॉलेज में ECG के नाम पर अवैध वसूली का वीडियो वायरल, 68 की जगह वसूले जा रहे 300 रुपये
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सरकारी अस्पताल में मरीजों की जेब पर डाका

आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल के भीतर एक बाहरी व्यक्ति मरीजों का ईसीजी (ECG) करते हुए दिखाई दे रहा है। आरोप है कि यह व्यक्ति सरकारी दर से कहीं अधिक पैसे वसूल रहा है।

वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि अस्पताल के ऑर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती मरीजों से ईसीजी के लिए 300-300 रुपये लिए जा रहे हैं। जबकि सरकारी नियमों के अनुसार, एसएन मेडिकल कॉलेज में ईसीजी की निर्धारित फीस मात्र 68 रुपये है। वीडियो में रिकॉर्डिंग करने वाला व्यक्ति जब उस युवक से उसकी पहचान पूछता है, तो वह अपना नाम बताने से साफ इनकार कर देता है और खुद को निजी कर्मचारी बताता है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि यदि वह व्यक्ति अस्पताल का अधिकृत कर्मचारी नहीं है, तो वह बिना किसी रोक-टोक के सरकारी वार्ड के अंदर कैसे दाखिल हुआ? मरीजों के बीच जाकर जांच करना और उनसे अवैध रूप से पैसे वसूलना यह दर्शाता है कि अस्पताल प्रशासन का वार्डों पर कोई नियंत्रण नहीं है।

अस्पताल में पहले भी मरीजों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर करने के आरोप लगते रहे हैं। अब इस नए मामले ने कॉलेज की कार्यप्रणाली को एक बार फिर विवादों के घेरे में ला खड़ा किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल के भीतर कोई बाहरी व्यक्ति इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहा है, तो यह मरीजों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है।

प्रशासन की सफाई और जांच का आश्वासन

मामले के तूल पकड़ने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों ने अपनी अनभिज्ञता जताई है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति को वे नहीं पहचानते और न ही उन्हें इस बात की जानकारी है कि वह किसके कहने पर वार्ड में आया था। विभाग के अनुसार, इस तरह की गतिविधि पूरी तरह से अनधिकृत है।

वहीं, एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने कहा कि उन्हें इस वीडियो की जानकारी नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में ईसीजी की पूरी व्यवस्था मौजूद है, इसलिए बाहर से किसी व्यक्ति द्वारा जांच करने की स्थिति सामान्य नहीं है। प्राचार्य ने आश्वासन दिया है कि वायरल वीडियो के दावों की गंभीरता से जांच की जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की पारदर्शिता पर एक बार फिर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब सभी की नजरें मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा की जाने वाली जांच और उसके नतीजों पर टिकी हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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