सुपौल: रिहायशी इलाके की सड़क पर निकला 8 फीट लंबा मगरमच्छ, मचा हड़कंप
सुपौल के वीरपुर थाना क्षेत्र के खोंनटाहा गांव में मंगलवार सुबह करीब आठ फीट लंबा मगरमच्छ मुख्य सड़क के बीच पहुंच गया। सड़क पर मगरमच्छ को देखकर आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सड़क पर मगरमच्छ देख सहमे ग्रामीण
बिहार के सुपौल जिले में मंगलवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब वीरपुर थाना क्षेत्र के खोंनटाहा गांव की मुख्य सड़क पर एक विशाल मगरमच्छ आ धमका। करीब आठ फीट लंबे इस मगरमच्छ को सड़क के बीचों-बीच देखकर स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। सुबह के समय जब लोग अपने दैनिक कार्यों के लिए बाहर निकले, तो सड़क पर इस खूंखार जीव को देखकर वे दंग रह गए।
मगरमच्छ को देखने के लिए देखते ही देखते सड़क पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। मगरमच्छ काफी देर तक सड़क पर ही डटा रहा, जिससे आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के आसपास कोई बड़ा जलाशय या नदी नहीं है, ऐसे में रिहायशी इलाके के बीचों-बीच मगरमच्छ का पहुंचना उनके लिए एक बड़ा रहस्य और चिंता का विषय बना हुआ है।
पुलिस और वन विभाग की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही भीमनगर और वीरपुर थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों को मगरमच्छ से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने घेराबंदी की ताकि कोई भी व्यक्ति अनजाने में मगरमच्छ के करीब न जाए और किसी अनहोनी को रोका जा सके।
कुछ समय बाद वन विभाग की वीरपुर टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। वनकर्मियों ने पूरी सावधानी बरतते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित काबू में कर लिया। वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड जय कृष्ण कुमार ने पुष्टि की कि मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया गया है और उसे उसके प्राकृतिक आवास यानी कोसी नदी में छोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कोसी तटीय इलाकों में बढ़ रहा खतरा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि खोंनटाहा और आसपास का पूरा क्षेत्र कोसी नदी के तटीय इलाकों में आता है। वर्ष 2008 में आई भीषण कोसी बाढ़ के बाद से इस पूरे बेल्ट में मगरमच्छों की संख्या में इजाफा हुआ है। यही कारण है कि समय-समय पर ये जीव रिहायशी इलाकों में भटकते हुए देखे जाते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब इस क्षेत्र में मगरमच्छ मिला हो। इससे पहले भी कई बार मगरमच्छों के रिहायशी बस्तियों में घुसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिन्हें वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर वापस नदी में छोड़ा है। हालांकि, मंगलवार की इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीणों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है, जिससे लोग अब अपने घरों के आसपास भी सतर्क रहने लगे हैं।
वन्यजीवों का रिहायशी इलाकों में आना चिंताजनक
विशेषज्ञों का मानना है कि जलस्तर में बदलाव या भोजन की तलाश में अक्सर ये जलचर अपने प्राकृतिक आवास से भटक कर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर लेते हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि भविष्य में उन्हें ऐसा कोई जीव दिखाई दे, तो वे स्वयं उसे पकड़ने की कोशिश न करें और तुरंत विभाग को सूचित करें ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को टाला जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!