यमुनानगर हत्याकांड: पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपी गिरफ्तार, पैरों में लगी गोली
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपितों के पैरों में गोली लगी। इसके बाद उन्हें काबू कर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

यमुनानगर में हुए चर्चित हरभजन सिंह हत्याकांड मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मॉडल टाउन स्थित जैक फिटनेस जिम के बाहर ट्रांसपोर्टर एवं फाइनेंसर 62 वर्षीय हरभजन सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वीरवार शाम पाबनी रोड पर गांव महलावाली के निकट अंजाम दी गई।
मुठभेड़ में दोनों तरफ से हुई फायरिंग
पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि हत्याकांड में शामिल दो आरोपी राकेश कुमार और आर्यन बाइक से पाबनी रोड की ओर आ रहे हैं। सीआईए की टीम ने तुरंत नाकाबंदी कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने खुद को घिरता देख टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी और वे घायल होकर गिर पड़े। पुलिस ने उन्हें तुरंत हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कुरुक्षेत्र के कंग कॉलोनी निवासी 20 वर्षीय राकेश कुमार और हरियापुर निवासी 18 वर्षीय आर्यन के रूप में हुई है। इन दोनों पर पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने कुरुक्षेत्र के डेरा अमीन निवासी विशाल और एक अन्य युवक को भी हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
साजिश में शामिल थे आरोपी
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि राकेश और आर्यन ने सीधे तौर पर हत्या को अंजाम देने वाले शूटरों की मदद की थी। पुलिस का दावा है कि इन आरोपियों ने शूटरों को कुरुक्षेत्र के एक होटल में ठहराने के लिए कमरा उपलब्ध कराया था। साथ ही, उन्होंने शूटरों तक हथियार पहुंचाने और उन्हें वारदात के लिए रसद मुहैया कराने में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी।
जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि हरभजन सिंह की हत्या से पहले उनकी कार में जीपीएस चिप लगाई गई थी। इस चिप के जरिए उनकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह डिवाइस कहां से खरीदी गई और इसे कार में किसने फिट किया था।
मुख्य शूटरों की तलाश जारी
दो आरोपियों की गिरफ्तारी और दो संदिग्धों को हिरासत में लेने के बाद अब पुलिस का पूरा ध्यान मुख्य शूटरों तक पहुंचने पर केंद्रित है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल कॉल डिटेल, होटल रिकॉर्ड और तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन आरोपियों से पूछताछ के बाद हत्याकांड से जुड़े अन्य बड़े चेहरों और साजिश के मास्टरमाइंड का पता चल सकेगा।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, घायल आरोपियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। पुलिस की टीमें शूटरों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं ताकि जल्द से जल्द उन्हें कानून के दायरे में लाया जा सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!