संभल 101 करोड़ जमीन घोटाला: इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल, 6 जून को होगी सुनवाई
Sambhal 101 Crore Land Scam Case: High Court hearing on June 6 for arrest of accused. संभल में 101 करोड़ रुपये की 38 बीघा बेशकीमती जमीन से जुड़े मामले में सात लोगों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इस मामले की सुनवाई 06 जून को होगी।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

संभल में करोड़ों की सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 101 करोड़ रुपये की बेशकीमती सरकारी जमीन को हड़पने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मुरादाबाद रोड स्थित गांव तख्तगोसाईं की 38 बीघा जमीन से जुड़े इस विवाद में अब मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। सात लोगों ने इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर आगामी 6 जून को सुनवाई निर्धारित की गई है।
यह विवादित जमीन पांच गाटा संख्या 206, 207, 238, 242/378 और 279 के अंतर्गत आती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने स्वयं 28 जून को घटनास्थल का निरीक्षण किया था। इसके बाद लेखपाल स्पर्श गुप्ता की तहरीर पर 29 जून को 31 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
फर्जीवाड़े का खुलासा और जांच का दायरा
जांच में सामने आया है कि इस जमीन को वर्ष 2008 में एक सुनियोजित साजिश के तहत हड़पा गया था। तत्कालीन उपसंचालक चकबंदी द्वारा एक फर्जी व्यक्ति के नाम पर नामांतरण किया गया, जो पूरी तरह से अवैध था। यह नामांतरण एक फर्जी पट्टे के आधार पर किया गया था, जबकि इस भूमि पर नगर पालिका का कोई कानूनी अधिकार नहीं था। इस खुलासे के बाद प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए जमीन को मुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की।
सीओ संभल कुलदीप कुमार ने 1 जुलाई को लेखपाल के साथ मिलकर मुक्त कराई गई भूमि का नक्शा तैयार किया और साक्ष्य जुटाने के लिए संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने इस मामले में अब तक की कार्रवाई में संभल नगर पालिका परिषद के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। राजकुमार गुप्ता वर्तमान में शाहजहांपुर नगर निगम में सहायक आयुक्त के पद पर तैनात थे।
आरोपियों की धरपकड़ और कानूनी प्रक्रिया
पुलिस अब अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। इनमें नगर पालिका के रिटायर्ड मानचित्रक शहाबुद्दीन और पैरोकार माजिद खान मुख्य रूप से शामिल हैं। इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। विवेचक सीओ कुलदीप कुमार ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान जो भी नए नाम सामने आएंगे, उन्हें भी कानूनी दायरे में लाया जाएगा।
हाईकोर्ट में याचिका दायर करने वालों में आलम वारसी, आजम खान, मुजाहिद, शाकिर अली, मौ. रफीक, मौ. क़ासिम और शाकिर सबूर शामिल हैं। इन याचिकाकर्ताओं ने मामले में अपना पक्ष रखने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। अब सभी की निगाहें 6 जून को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में आगे की कानूनी दिशा क्या होगी।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और दस्तावेजों में हेराफेरी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे मामले में राजस्व विभाग और नगर पालिका के बीच के तालमेल और तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह के बड़े घोटालों को रोका जा सके।
फिलहाल, संभल पुलिस और जिला प्रशासन इस मामले में साक्ष्यों को मजबूत करने में जुटा है। हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद ही यह तय होगा कि जांच की गति और आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है। स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!
