सागर जहरीली शराब कांड: ललितपुर बॉर्डर पर सघन चेकिंग, पुलिस को पुराने गिरोह पर शक
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से 11 लोगों की मौत और 35 लोगों के बीमार होने के बाद मामले का कनेक्शन ललितपुर से जोड़े जाने पर रविवार को यूपी-एमपी बॉर्डर पर जांच अभियान चलाया गया। ललितपुर आबकारी विभाग की टीम ने गिरार थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांवों के साथ सरकारी शराब की दुकानों की भी जांच की।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सागर त्रासदी के बाद ललितपुर सीमा पर अलर्ट
मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब के सेवन से 11 लोगों की दर्दनाक मौत और 35 से अधिक लोगों के बीमार होने की घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जांच की आंच उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले तक पहुंच गई है। सागर पुलिस ने आशंका जताई है कि इस जहरीली शराब की खेप का कनेक्शन ललितपुर के सीमावर्ती इलाकों से हो सकता है।
इस इनपुट के बाद रविवार को ललितपुर आबकारी विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए यूपी-एमपी बॉर्डर पर एक व्यापक जांच अभियान चलाया। आबकारी अधिकारी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने गिरार और अमझारा जैसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों की सघन तलाशी ली। यह अभियान शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक जारी रहा।
आबकारी विभाग की जांच में क्या मिला?
चार घंटे तक चले इस तलाशी अभियान के दौरान टीम ने सीमा के पास स्थित सरकारी शराब की दुकानों का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने दुकानों में रखे स्टॉक और उपलब्ध शराब के नमूनों की बारीकी से जांच की। हालांकि, आबकारी विभाग के अनुसार, इस दौरान कोई भी संदिग्ध या नकली शराब बरामद नहीं हुई है।
आबकारी अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ललितपुर में नकली शराब के निर्माण या तस्करी के कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। उन्होंने सागर पुलिस की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि विभाग की जांच में अभी तक ऐसा कोई लिंक सामने नहीं आया है जो ललितपुर को इस त्रासदी से जोड़ता हो।
पुराने गिरोह पर टिकी पुलिस की नजर
सागर पुलिस का शक चार महीने पहले ललितपुर में पकड़े गए एक शराब माफिया गिरोह पर है। मई 2026 में ललितपुर कोतवाली पुलिस ने पनारी गांव में छापा मारकर एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया था। उस दौरान रवि लखेरा, चंदेश लोधी, मनीष विश्वकर्मा, अंकित विश्वकर्मा और पुष्पेंद्र ठाकुर सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में इस मामले में अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी हुई थी।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या जमानत पर बाहर आए इन आरोपियों का इस जहरीली शराब कांड से कोई संबंध है। सागर पुलिस को संदेह है कि कहीं इसी नेटवर्क के जरिए जहरीली शराब की सप्लाई सागर के सीमावर्ती गांवों तक तो नहीं की गई। हालांकि, अभी तक इस पुराने गिरोह और वर्तमान त्रासदी के बीच कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं हो सका है।
जांच का दायरा और भविष्य की चुनौतियां
सागर और ललितपुर प्रशासन के दावों में फिलहाल अंतर दिख रहा है। जहां सागर पुलिस सीमावर्ती क्षेत्रों से तस्करी की संभावना को खारिज नहीं कर रही है, वहीं ललितपुर आबकारी विभाग ने अपनी जांच में किसी भी संदिग्ध गतिविधि से इनकार किया है। यह विरोधाभास जांच के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
फिलहाल, पुलिस की टीमें इस बात की गहन पड़ताल कर रही हैं कि आखिर यह जहरीली शराब कहां तैयार हुई और इसे किन रास्तों से सप्लाई किया गया। बॉर्डर पर आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। आने वाले दिनों में पुलिस इस मामले में पकड़े गए पुराने आरोपियों की गतिविधियों को भी खंगाल सकती है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!