राजगढ़: शहीद प्रधान आरक्षक के परिवार को मिली 1.23 करोड़ की आर्थिक मदद, बेटे को मिली सरकारी नौकरी
राजगढ़ पुलिस ने ड्यूटी के दौरान शहीद हुए प्रधान आरक्षक सर्जन भील के परिवार को 1.23 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की है। इसके साथ ही उनके पुत्र शरद भील को बाल आरक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति भी दी गई है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में पुलिस विभाग ने कर्तव्य के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले एक जांबाज प्रधान आरक्षक के परिवार के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए बड़ी पहल की है। ब्यावरा सिटी थाने में तैनात रहे दिवंगत प्रधान आरक्षक सर्जन भील के परिजनों को विभाग की ओर से 1.23 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त, उनके पुत्र शरद भील को बाल आरक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई है, जिससे परिवार को भविष्य के लिए एक बड़ा संबल मिला है।
सैलरी पैकेज के तहत मिली बड़ी राहत
राजगढ़ पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने इस सहायता राशि का चेक दिवंगत प्रधान आरक्षक के पिता रामदयाल भील और पत्नी वर्षा भील को सौंपा। यह राशि भारतीय स्टेट बैंक की फूलखेड़ी शाखा के माध्यम से पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत जारी की गई है। विभाग द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई से शहीद परिवार को आर्थिक सुरक्षा का बड़ा आधार प्राप्त हुआ है, जो उनके कठिन समय में एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
दिवंगत प्रधान आरक्षक सर्जन भील, जिनका बैच नंबर 580 था, ब्यावरा सिटी थाने में अपनी सेवाएं दे रहे थे। 6 नवंबर 2025 को ड्यूटी के दौरान एक सड़क हादसे में ट्रक की टक्कर लगने से उनका निधन हो गया था। इस दुखद घटना के बाद से ही राजगढ़ पुलिस प्रशासन ने उनके परिवार को हर संभव मदद दिलाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी थी, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के मिल सके।
बेटे को मिली नई जिम्मेदारी
सहायता राशि सौंपने के दौरान पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने दिवंगत आरक्षक के पुत्र शरद भील से विशेष मुलाकात की। उन्होंने शरद को बाल आरक्षक के पद पर नियुक्ति पत्र सौंपते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। एसपी ने शरद को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए भरोसा दिलाया कि पुलिस विभाग उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है और भविष्य में भी हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने जिले के अन्य लंबित मामलों पर भी चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि ड्यूटी के दौरान शहीद हुए या दिवंगत हुए पुलिसकर्मियों के आश्रितों से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं और शासन द्वारा निर्धारित लाभों को समय पर आश्रितों तक पहुँचाना विभाग की नैतिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध प्रशासन
राजगढ़ पुलिस का कहना है कि ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले जवानों के परिवारों का सम्मान और उनका भविष्य सुरक्षित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इस तरह की सहायता न केवल परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करती है, बल्कि विभाग के अन्य जवानों का मनोबल भी बढ़ाती है। प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक शहीद परिवार को समय रहते सरकारी सहायता मिल सके ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है। विभाग द्वारा किए गए इन प्रयासों की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। शहीद सर्जन भील के परिवार को मिली यह मदद समाज और प्रशासन के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत करने का कार्य कर रही है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!