राजस्थान: 1644 वरिष्ठ अध्यापकों को 17 अगस्त को मिलेंगे स्कूल, ऑनलाइन काउंसलिंग का कार्यक्रम जारी
टोंक में करीब सवा महीने से ज्वाइनिंग का इंतजार कर रहे टोंक समेत प्रदेशभर के 1644 चयनित वरिष्ठ अध्यापकों को जल्द पोस्टिंग मिलेगी। इनका पदस्थापन का रास्ता साफ हो गया है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

लंबा इंतजार खत्म: 17 अगस्त को होगा पदस्थापन
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में नियुक्ति का इंतजार कर रहे 1644 चयनित वरिष्ठ अध्यापकों के लिए राहत भरी खबर है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इन शिक्षकों के पदस्थापन का रास्ता साफ करते हुए ऑनलाइन काउंसलिंग का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। ये शिक्षक बीते 4 जुलाई से अपनी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे थे। अब 17 अगस्त को इन्हें स्कूलों का आवंटन कर दिया जाएगा।
निदेशालय के निर्देशों के अनुसार, इन शिक्षकों को ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर नियुक्तियां दी जाएंगी। भर्ती परीक्षा में सफल रहे 1698 अभ्यर्थियों में से 1644 के दस्तावेजों का सत्यापन पूरा हो चुका है। अब शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
काउंसलिंग और चयन प्रक्रिया का शेड्यूल
काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत 13 अगस्त को विषयवार अस्थाई वरीयता सूची जारी की गई है, जिस पर आपत्तियां मांगी गई थीं। इसके बाद 14 अगस्त को आपत्तियों का निस्तारण कर स्थाई वरीयता सूची जारी की गई। इसी दिन दोपहर से खाली पदों को ऑनलाइन प्रदर्शित किया गया है। शिक्षक 17 अगस्त की दोपहर तक अपनी पसंद के स्कूलों के विकल्प लॉक कर सकेंगे, जिसके बाद उसी दिन काउंसलिंग परिणाम जारी कर दिए जाएंगे।
नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद चयनित शिक्षकों को तीन सप्ताह के भीतर कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियुक्ति आदेश की प्रतियां वेबसाइट पर अपलोड करने के साथ-साथ ईमेल के जरिए भी भेजी जाएंगी।
निजी विश्वविद्यालयों की डिग्री पर विशेष निगरानी
शिक्षा विभाग ने निजी विश्वविद्यालयों से बी.एड करने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित संस्थान एनसीटीई से मान्यता प्राप्त हों और अभ्यर्थी का प्रवेश राज्य स्तरीय काउंसलिंग के माध्यम से हुआ हो। इन साक्ष्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
वर्तमान में ये सभी शिक्षक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) में ओरिएंटेशन प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण की अवधि को पहले कई बार बढ़ाया गया था, जिसके कारण पदस्थापन में देरी हुई थी। शिक्षक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे बोर्ड कक्षाओं की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार होगा।
शैक्षणिक व्यवस्था पर असर
शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि संगठन लंबे समय से पदस्थापन की मांग कर रहा था। नए शिक्षकों की नियुक्ति से राज्य के सरकारी स्कूलों, विशेषकर बोर्ड कक्षाओं (8वीं और 10वीं) को विषयाध्यापक मिल सकेंगे। इससे शैक्षणिक स्तर में सुधार होने की उम्मीद है।
यह पहली बार है जब नव चयनित वरिष्ठ अध्यापकों के लिए डाइट में ओरिएंटेशन प्रोग्राम चलाया गया है। अब काउंसलिंग के बाद इन शिक्षकों के कार्यभार ग्रहण करने से स्कूलों में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!