राजस्थान: 1700 वरिष्ठ अध्यापकों की नियुक्ति में देरी, 21 अगस्त तक टली पदस्थापन प्रक्रिया
राज्य लोक सेवा आयोग अजमेर की ओर से आयोजित वरिष्ठ अध्यापक (सेकंड ग्रेड) भर्ती-2024 में चयनित टोंक समेत राज्य के करीब 1700 अभ्यर्थियों को संभाग आवंटन के एक माह बाद भी स्कूलों में पदस्थापन नहीं हुआ है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने पिछले महीने ऑनलाइन विकल्प लेकर संभाग आवंटित किए थे।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

नियुक्ति का इंतजार कर रहे 1700 शिक्षक
राजस्थान में वरिष्ठ अध्यापक (सेकंड ग्रेड) भर्ती-2024 के माध्यम से चयनित करीब 1700 अभ्यर्थियों को अपनी पहली नियुक्ति के लिए अभी और लंबा इंतजार करना होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा संभाग आवंटन की प्रक्रिया पूरी किए जाने और नियुक्ति पत्र जारी होने के एक महीने बाद भी इन शिक्षकों को स्कूलों में पदस्थापन नहीं मिल सका है। इस देरी के कारण राज्य के सरकारी स्कूलों में रिक्त पड़े हजारों पदों के बावजूद छात्रों को शिक्षकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
निदेशालय ने पिछले महीने ऑनलाइन विकल्पों के आधार पर संभाग आवंटित किए थे और 4 जुलाई को चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिए गए थे। हालांकि, इसके बाद काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी, जिससे शिक्षक कार्यभार ग्रहण करने की स्थिति में नहीं हैं।
ओरिएंटेशन प्रशिक्षण की अवधि में बार-बार विस्तार
वर्तमान में सभी नव चयनित वरिष्ठ अध्यापक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डाइट) में ओरिएंटेशन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के इतिहास में यह पहली बार है जब शिक्षकों को स्कूलों में भेजने से पहले इस प्रकार का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण की समय-सीमा को लेकर विभाग लगातार अपने आदेश बदल रहा है, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया में अनिश्चितता बनी हुई है।
प्रारंभ में यह प्रशिक्षण 15 जुलाई तक निर्धारित था, जिसे बाद में बढ़ाकर 27 जुलाई और फिर 5 अगस्त तक किया गया। अब माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार ने एक नया आदेश जारी कर इस प्रशिक्षण की अवधि को 21 अगस्त तक बढ़ा दिया है। इस निर्णय के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि काउंसलिंग और स्कूलों में पदस्थापन की प्रक्रिया 21 अगस्त से पहले शुरू नहीं हो पाएगी।
शिक्षक संघों ने जताई नाराजगी
नियुक्ति में हो रही इस देरी को लेकर शिक्षक संगठनों में असंतोष है। शिक्षक संघ 'रेसटा' के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ओरिएंटेशन प्रोग्राम के नाम पर विभाग जानबूझकर पदस्थापन में देरी कर रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि जब राज्य के सरकारी स्कूलों में वरिष्ठ अध्यापकों के 50 हजार से अधिक पद रिक्त पड़े हैं, तो ऐसी स्थिति में शिक्षकों को जल्द से जल्द स्कूलों में भेजना प्राथमिकता होनी चाहिए।
शिक्षक संघ ने माध्यमिक शिक्षा निदेशालय से मांग की है कि काउंसलिंग का शेड्यूल तत्काल घोषित किया जाए ताकि नव चयनित शिक्षक जल्द से जल्द अपनी सेवाएं शुरू कर सकें। संघ का मानना है कि प्रशिक्षण के नाम पर नियुक्ति को लटकाना न केवल शिक्षकों के लिए मानसिक परेशानी का कारण है, बल्कि यह शैक्षणिक सत्र के दौरान छात्रों के हितों के लिए भी नुकसानदेह है।
आगे की राह
अब सभी की निगाहें 21 अगस्त की तिथि पर टिकी हैं। यदि प्रशिक्षण की अवधि में और विस्तार नहीं किया जाता है, तो उम्मीद है कि अगस्त के अंतिम सप्ताह में काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो सकती है। तब तक, 1700 चयनित शिक्षक डाइट केंद्रों पर ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे, जबकि राज्य के हजारों सरकारी स्कूलों में रिक्त पदों पर शिक्षकों की तैनाती का इंतजार बना रहेगा।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!