मध्य प्रदेश के स्कूलों में अब डिजिटल होगी छात्रों की हाजिरी, कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लिए नई व्यवस्था
मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस को लेकर चल रहे विरोध के बीच अब विद्यार्थियों की उपस्थिति भी ऑनलाइन दर्ज करने की व्यवस्था शुरू की जा रही है। लोक शिक्षण संचालनालय ने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

सरकारी स्कूलों में अब डिजिटल होगी विद्यार्थियों की उपस्थिति
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब शिक्षकों की ई-अटेंडेंस के बाद विद्यार्थियों की उपस्थिति भी ऑनलाइन दर्ज की जाएगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं, जिसके तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों की दैनिक हाजिरी अब डिजिटल माध्यम से ली जाएगी।
इस नई व्यवस्था को 'एजुकेशन पोर्टल 3.0' के साथ एकीकृत किया गया है। विभाग का मानना है कि शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए छात्रों की नियमित उपस्थिति अनिवार्य है। डिजिटल रिकॉर्ड होने से न केवल स्कूलों में अनुशासन बढ़ेगा, बल्कि विभागीय स्तर पर भी वास्तविक स्थिति की निगरानी करना आसान हो जाएगा।
पोर्टल पर कैसे दर्ज होगी हाजिरी
एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर 'स्टूडेंट मैनेजमेंट' के अंतर्गत 'स्टूडेंट अटेंडेंस' का विकल्प दिया गया है। संबंधित कक्षा के शिक्षक को अपनी संस्था के लॉगिन आईडी से पोर्टल पर जाकर अपनी कक्षा के विद्यार्थियों की सूची देखनी होगी। इसमें छात्रों को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है: 'प्रेजेंट' (उपस्थित), 'एब्सेंट' (अनुपस्थित) और 'ऑन लीव' (अवकाश पर)।
सिस्टम में डिफॉल्ट रूप से सभी छात्रों को उपस्थित दिखाया जाएगा। शिक्षक को केवल उन विद्यार्थियों के नाम के सामने बदलाव करना होगा जो अनुपस्थित हैं या छुट्टी पर हैं। इसके बाद डेटा को सेव करना होगा। प्रत्येक कक्षा के सेक्शनवार डेटा को अपडेट करने की जिम्मेदारी संबंधित कक्षा शिक्षक की तय की गई है।
कम उपस्थिति वाले छात्रों पर रहेगी विशेष नजर
ऑनलाइन अटेंडेंस का मुख्य उद्देश्य केवल रिकॉर्ड रखना ही नहीं, बल्कि छात्रों की पढ़ाई पर नजर रखना भी है। विभाग इस डेटा का नियमित विश्लेषण करेगा। जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति कम पाई जाएगी, उनके लिए अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित करने और उन्हें शैक्षणिक सहायता प्रदान करने की योजना बनाई जाएगी।
इसके अलावा, जो छात्र लंबे समय से स्कूल नहीं आ रहे हैं, उनके अभिभावकों से संपर्क कर उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे। यह डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम छात्रों के ड्रॉपआउट रेट को कम करने में भी सहायक सिद्ध हो सकता है।
शिक्षकों के विरोध के बीच लागू हुई नई प्रणाली
यह आदेश ऐसे समय में जारी किया गया है जब राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की ई-अटेंडेंस को लेकर शिक्षक संगठनों में असंतोष और विरोध की स्थिति बनी हुई है। शिक्षक लगातार ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया पर अपनी आपत्तियां जता रहे हैं। इन सबके बीच अब विद्यार्थियों के लिए भी ऑनलाइन हाजिरी का नियम लागू करना विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती और बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल रिकॉर्डिंग से स्कूलों में जवाबदेही बढ़ेगी। हालांकि, शिक्षकों का एक वर्ग इसे तकनीकी बाधाओं और अतिरिक्त कार्यभार के रूप में देख रहा है। फिलहाल, विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा जल्द ही सभी स्कूलों के लिए पोर्टल पर सक्रिय कर दी जाएगी।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!