कोटा: जनसमस्याओं के लिए 'समाधान' मंच बना उम्मीद की किरण, कई इलाकों में मिली राहत
भीड़ में सबसे पीछे खड़े आम आदमी की परेशानी भी अब सीधे जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंच रही हैं।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

आमजन की आवाज बन रहा डिजिटल प्लेटफॉर्म
कोटा शहर में स्थानीय निवासियों की समस्याओं के निराकरण के लिए एक डिजिटल मंच प्रभावी साबित हो रहा है। उन गलियों और वार्डों के लोग, जिनकी शिकायतें लंबे समय से अनसुनी रह जाती थीं, अब अपनी बात सीधे जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुँचा पा रहे हैं। यह मंच आम आदमी की परेशानियों को प्रशासनिक स्तर पर प्राथमिकता दिलाने में एक सेतु का काम कर रहा है।
हाल ही में वार्ड 70 के शिव नगर में निवासियों ने स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। देवकरण मेघवाल ने बताया कि पुलिस लाइन के पास लगी लाइटें 15 दिनों से बंद थीं, जिससे अंधेरा छाया रहता था। शिकायत दर्ज होने के बाद निगम के कर्मचारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लाइटें ठीक कर दीं, जिससे स्थानीय लोग काफी राहत महसूस कर रहे हैं।
अधिकारियों की सक्रियता से मिली राहत
रंगबाड़ी के सुभाष नगर-I में भी एक साल से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधान हुआ है। स्थानीय निवासी मनोज जैन ने बताया कि उन्होंने कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें की थीं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंततः केडीए के जेईएन पवन गुर्जर के हस्तक्षेप के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर लाइटें ठीक कीं। अधिकारी ने स्वयं इस समाधान की जानकारी साझा की, जिससे जनता का व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है।
इस डिजिटल पहल के माध्यम से अब अधिकारी भी अपनी कार्रवाई की जानकारी साझा कर रहे हैं। शिकायत सीधे संबंधित विभाग तक पहुँचती है, जहाँ अधिकारी लोकेशन को मैप पर देख सकते हैं। यदि काम लंबित है, तो वे शिकायतकर्ता को इसकी सूचना दे सकते हैं या सीधे संपर्क कर सकते हैं, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है।
अभी भी कई चुनौतियां बरकरार
सफलता की कहानियों के साथ ही कुछ समस्याएं अभी भी विभागीय प्रक्रिया में अटकी हुई हैं। नेहरू पार्क की बदहाली को लेकर मदन लाल ने शिकायत की है कि कलेक्टर और निगम आयुक्त के निवास के पास होने के बावजूद पार्क में गंदगी का अंबार है। बच्चों के झूले टूटे हुए हैं और शौचालय बदहाल स्थिति में हैं, जिसकी ओर प्रशासन का ध्यान अपेक्षित है।
कुन्हाड़ी क्षेत्र के महाराणा प्रताप सर्किल के पास नालियों की सफाई न होने से स्थानीय लोग परेशान हैं। अर्जुन कुमावत ने बताया कि नालियों में कचरा जमा होने से जलभराव और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है। सफाई प्रभारी की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
माला रोड और कोटा जंक्शन के आसपास भी सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। आशीष नाम के निवासी ने बताया कि कचरा उठाने वाली गाड़ियां नियमित नहीं आ रही हैं, जिससे सड़कों पर गंदगी के ढेर लग गए हैं और बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। इसी तरह बालिता रोड के श्रीनाथ विहार में भी स्ट्रीट लाइट और खाली प्लॉटों में उग आई खरपतवार से सांप-बिच्छू का डर बना हुआ है।
यह मंच अब जनता के लिए अपनी समस्याओं को रियल टाइम मॉनिटर करने का जरिया बन गया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जिस तरह कुछ वार्डों में त्वरित समाधान मिला है, उसी तरह अन्य लंबित समस्याओं पर भी प्रशासन जल्द ही संज्ञान लेगा और शहर की सफाई व बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!