ब्रेकिंग
पटना में गैराज मालिक की निर्मम हत्या, देर रात दुकान से लौटते वक्त बदमाशों ने बरसाईं गोलियांगर्लफ्रेंड से मिलने रायगढ़ आया युवक बना बाइक चोर, पेट्रोल खत्म होने पर वाहन छोड़ हो जाता था फरारमुरादाबाद में खूंखार तेंदुए का आतंक: वन विभाग के जाल में फंसा 20वां तेंदुआ, ग्रामीणों ने ली राहत की सांसचंडीगढ़ में नशा तस्करों पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, अवैध संपत्तियों पर चला बुलडोजरपंचकूला में साइबर ठगी का नया तरीका: बिना OTP और लिंक के महिला के खाते से उड़े 4.86 लाख रुपयेनालंदा: संपत्ति विवाद में पिता की हत्या का खुलासा, 5 साल बाद बेटा गिरफ्तारभिंड के किसान पुत्र पवन तिवारी ने रचा इतिहास, उधार लेकर पढ़ाई की और बने सहायक प्राध्यापकऔरंगाबाद में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई: XUV से 195 किलो गांजा बरामद, चालक फरार
पटना में गैराज मालिक की निर्मम हत्या, देर रात दुकान से लौटते वक्त बदमाशों ने बरसाईं गोलियांगर्लफ्रेंड से मिलने रायगढ़ आया युवक बना बाइक चोर, पेट्रोल खत्म होने पर वाहन छोड़ हो जाता था फरारमुरादाबाद में खूंखार तेंदुए का आतंक: वन विभाग के जाल में फंसा 20वां तेंदुआ, ग्रामीणों ने ली राहत की सांसचंडीगढ़ में नशा तस्करों पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, अवैध संपत्तियों पर चला बुलडोजरपंचकूला में साइबर ठगी का नया तरीका: बिना OTP और लिंक के महिला के खाते से उड़े 4.86 लाख रुपयेनालंदा: संपत्ति विवाद में पिता की हत्या का खुलासा, 5 साल बाद बेटा गिरफ्तारभिंड के किसान पुत्र पवन तिवारी ने रचा इतिहास, उधार लेकर पढ़ाई की और बने सहायक प्राध्यापकऔरंगाबाद में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई: XUV से 195 किलो गांजा बरामद, चालक फरार

जयपुर: फर्जी गेमिंग कॉल सेंटर का पर्दाफाश, 1 करोड़ की ठगी के आरोप में 5 गिरफ्तार

साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान साइबर शील्ड और श्याम हंटर अभियान के तहत साउथ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। शिप्रापथ थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने भांकरोटा क्षेत्र में संचालित एक फर्जी गेमिंग कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए पांच साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

8 अगस्त 20263 मिनट पढ़ें
जयपुर: फर्जी गेमिंग कॉल सेंटर का पर्दाफाश, 1 करोड़ की ठगी के आरोप में 5 गिरफ्तार
मूल स्रोत

भांकरोटा में चल रहा था अवैध नेटवर्क

जयपुर की शिप्रा पथ थाना पुलिस और साइबर सेल ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए भांकरोटा इलाके में चल रहे एक फर्जी गेमिंग कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर आम लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने का गंभीर आरोप है।

पुलिस को इस गिरोह के बारे में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पोर्टल के माध्यम से इनपुट मिले थे। शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल और बैंक खातों के विश्लेषण के जरिए इस नेटवर्क को ट्रेस किया। अंततः भांकरोटा स्थित कृष्णा सनराइज अपार्टमेंट के एक फ्लैट में दबिश देकर पुलिस ने गिरोह के पांचों सदस्यों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

आरोपियों की पहचान और कार्यप्रणाली

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रमेश कुमार, नैनाराम, कृष्ण कुमार, पप्पूराम और प्रवीण कुमार के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी बाड़मेर, जोधपुर और बालोतरा जिलों के निवासी हैं। पूछताछ में सामने आया है कि ये लोग फर्जी गेमिंग ऐप और निवेश योजनाओं के नाम पर लोगों को झांसा देते थे। बैंक खातों की प्रारंभिक जांच में एक करोड़ रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन पाया गया है।

डीसीपी दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि 1930 पोर्टल पर इस गिरोह के खिलाफ कुल 8 शिकायतें दर्ज थीं। इनमें से एक पीड़ित के साथ ही ढाई लाख रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

साइबर शील्ड अभियान के तहत बड़ी सफलता

यह कार्रवाई राजस्थान पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान 'साइबर शील्ड' का हिस्सा है। 20 जुलाई से 20 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में सक्रिय साइबर अपराधियों को पकड़ना और लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण करना है। इस ऑपरेशन में साइबर सेल के कॉन्स्टेबल प्रभास कानी और सवाई सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण रही, जिनकी सूचना पर पुलिस टीम ने सटीक कार्रवाई की।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें धारा 318(4), 316(2), 112(2), 61(2) के साथ ही आईटी एक्ट की धारा 66C और 66D शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ में देशभर में फैले उनके अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी मिलने की संभावना है।

जांच का दायरा और आगे की कार्रवाई

फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या ये आरोपी किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं। जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों से डेटा रिकवर किया जा रहा है ताकि उन सभी पीड़ितों की पहचान हो सके जिन्हें इन लोगों ने अपना शिकार बनाया है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या लुभावने गेमिंग ऑफर के झांसे में न आएं।

आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में पकड़े गए आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा ताकि ठगी की पूरी चेन का पर्दाफाश किया जा सके।

SponsoredMushfan Digital Studios - We Build Brands. We Grow Businesses.

टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

संबंधित खबरें