हांसी में गो-रक्षक बताकर पशु व्यापारियों से लूटपाट, 12 मवेशी और गाड़ी लेकर फरार हुए आरोपी
आरोपियों ने 3 व्यापारियों से मारपीट की, उनके मोबाइल छीन लिए। इसके बाद उन्हें जबरन स्कार्पियो में बैठाकर ले गए।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

हरियाणा के हांसी जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां खुद को गो-रक्षक बताने वाले कुछ लोगों ने पशु व्यापारियों को अपना निशाना बनाया। आरोपियों ने न केवल व्यापारियों के साथ बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उनके पास मौजूद 12 पशुओं और उनकी गाड़ी को भी लूट लिया। घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
देर रात दिया वारदात को अंजाम
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार देर रात हांसी के गांव ढाणा के पास हुई। गाजियाबाद निवासी संजय अपने साथी वसीम और ड्राइवर बलकर्ण सिंह के साथ राजस्थान से 12 पशु लेकर गाजियाबाद की ओर जा रहे थे। रास्ते में एक काली रंग की स्कार्पियो गाड़ी ने उनकी आईसर गाड़ी को ओवरटेक कर रुकवा लिया। गाड़ी से उतरे तीन-चार युवकों ने खुद को गो-रक्षक दल का सदस्य बताया और जांच के बहाने व्यापारियों को घेर लिया।
आरोपियों ने आधार कार्ड देखने के नाम पर व्यापारियों से उनके मोबाइल फोन छीन लिए। जब व्यापारियों ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ डंडों से मारपीट शुरू कर दी। स्थिति को और गंभीर बनाते हुए, हमलावरों ने तीनों व्यापारियों को जबरन अपनी स्कार्पियो में बैठा लिया और उन्हें सुनसान इलाके की ओर ले गए।
जान से मारने की धमकी देकर छोड़ा
पीड़ितों के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें भिवानी-लोहारू रोड पर स्थित बालाजी कॉलेज के पास एक निर्जन स्थान पर उतार दिया। जाने से पहले हमलावरों ने उन्हें सख्त चेतावनी दी कि यदि उन्होंने पुलिस को इस घटना की सूचना दी, तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। धमकी देने के बाद आरोपी पशुओं से लदी आईसर गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गए।
व्यापारियों ने जब घटनास्थल पर अपनी गाड़ी की तलाशी ली, तो उसमें कोई भी पशु मौजूद नहीं था। हालांकि, वसीम को सीट के नीचे से अपना एक मोबाइल फोन मिल गया, जिसकी मदद से उन्होंने तुरंत डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
पुलिस ने पीड़ित संजय की शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण, लूट, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी वास्तव में किसी संगठन से जुड़े थे या उन्होंने गो-रक्षक का नाम केवल लूटपाट को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया था।
फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके और लूटे गए 12 पशुओं व गाड़ी को बरामद किया जा सके। इस घटना ने व्यापारियों के बीच असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है, और स्थानीय लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!