हिसार कोर्ट परिसर में गैंगस्टर विनोद काना की दिनदहाड़े हत्या, 14 राउंड फायरिंग से दहला इलाका
हरियाणा के हिसार में पेशी पर आए गैंगस्टर विनोद काना उर्फ पानू पर ताबड़तोड़ फायरिंग पर हत्या कर दी गई। बाइक सवार बदमाशों ने कोर्ट गेट के सामने 12 राउंड फायरिंग की।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

हिसार कोर्ट परिसर में सनसनीखेज वारदात
हरियाणा के हिसार जिला न्यायालय परिसर में गुरुवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया जब पेशी पर आए कुख्यात गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ काना की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस हमले में गैंगस्टर के दो साथी भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक सवार दो हमलावरों ने कोर्ट के गेट के पास गैंगस्टर को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग की। पुलिस के मुताबिक, वारदात के दौरान करीब 14 राउंड गोलियां चलाई गईं। हमले के तुरंत बाद गैंगस्टर के साथियों ने पीछा कर एक हमलावर को दबोच लिया और उसे मौके पर पहुंची पुलिस के हवाले कर दिया।
अस्पताल में हुई मौत, पुलिस ने शुरू की जांच
गोलीबारी में घायल विनोद काना और उसके दो साथियों को तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने विनोद काना को मृत घोषित कर दिया। उसके दोनों साथियों का इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही एएसपी मयंक मुदगिल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को सील कर दिया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से गोलियों के 14 खोखे बरामद किए हैं।
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए एक हमलावर से पूछताछ की जा रही है, हालांकि अभी उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। इस हत्याकांड के बाद हिसार बार एसोसिएशन के प्रधान प्रदीप बाजिया ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे पुलिस प्रशासन की विफलता करार दिया है।
गैंगस्टर का आपराधिक इतिहास
विनोद काना पर हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं के तहत 31 आपराधिक मामले दर्ज थे। वह 2014 में हिसार के पुष्पा कॉम्प्लेक्स में हुए प्रॉपर्टी डीलर संजय उर्फ बिट्टू शर्मा हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। मृतक संजय, विधायक सावित्री जिंदल के पीए ललित शर्मा के भतीजे थे। इस हत्याकांड के बाद से ही काना पुलिस की रडार पर था।
वर्ष 2017 में सीआईए की टीम ने विनोद काना को झज्जर के भडावास क्षेत्र से सात साथियों के साथ गिरफ्तार किया था। उस समय उस पर सात लाख रुपये का इनाम घोषित था। गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और कारतूस बरामद किए गए थे। पुलिस का मानना था कि वह उस समय किसी बड़ी गैंगवार की फिराक में था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कोर्ट परिसर में दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। वकीलों और स्थानीय लोगों का कहना है कि जब गैंगस्टर की पेशी की जानकारी पहले से थी, तो सुरक्षा के कड़े इंतजाम क्यों नहीं किए गए। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दूसरे फरार हमलावर की तलाश कर रही है और मामले के पीछे के कारणों की गहन जांच कर रही है।
फिलहाल, पुलिस ने पूरे कोर्ट परिसर की घेराबंदी कर दी है और मामले से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। इस घटना ने हरियाणा में गैंगवार के बढ़ते खतरे को एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!