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करनाल में फर्जी नारकोटिक्स अधिकारी बनकर दुकानदारों से वसूली, CCTV में कैद हुए आरोपी

करनाल सदर थाना क्षेत्र के गांव काछवा में खुद को नारकोटिक्स विभाग का अधिकारी बताकर दो अज्ञात युवकों द्वारा एक दुकानदार से जबरन पैसे वसूलने का मामला सामने आया है। दो दिन पहले की जब आरोपी दुकान पर पहुंचे और झूठे आरोप लगाकर धमकाया।

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

3 अगस्त 20262 मिनट पढ़ें
करनाल में फर्जी नारकोटिक्स अधिकारी बनकर दुकानदारों से वसूली, CCTV में कैद हुए आरोपी
मूल स्रोत

हरियाणा के करनाल जिले में सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव काछवा में ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां दो अज्ञात बदमाशों ने खुद को नारकोटिक्स विभाग का अधिकारी बताकर एक दुकानदार को डराया-धमकाया और उससे जबरन 10 हजार रुपये की वसूली की। इस घटना के बाद से स्थानीय दुकानदारों में भारी दहशत का माहौल है।

नशीले पदार्थ बेचने का लगाया झूठा आरोप

पीड़ित दुकानदार तरुण सचदेवा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि घटना दो दिन पहले रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच की है। तरुण अपनी दुकान 'सचदेवा करियाना' पर मौजूद थे, तभी एक गाड़ी में सवार होकर दो अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचे। उन्होंने खुद को नारकोटिक्स विभाग का अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उन्हें शिकायत मिली है कि दुकान पर नशीले पदार्थों की बिक्री की जा रही है।

दुकानदार ने जब इन आरोपों को सिरे से खारिज किया, तो आरोपियों ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। उन्होंने तरुण को डराया कि यदि उसने पैसे नहीं दिए तो वे उसकी दुकान को सील कर देंगे और उसे तथा उसके पिता को अपने साथ ले जाएंगे। आरोपियों के आक्रामक रवैये से घबराकर दुकानदार ने अपनी जान और दुकान बचाने के लिए उन्हें 10 हजार रुपये दे दिए।

सीसीटीवी में कैद हुई वारदात

इस पूरी घटना की तस्वीरें दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई हैं। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस प्रकार आरोपी दुकानदार पर दबाव बना रहे थे। पीड़ित ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई गाड़ी का नंबर और उनके मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए हैं, ताकि जांच में मदद मिल सके।

जांच में यह भी सामने आया है कि ये आरोपी केवल एक दुकान तक सीमित नहीं थे। तरुण के अनुसार, इन्हीं व्यक्तियों ने 'मंगल की दुकान' से भी 2 हजार रुपये की जबरन वसूली की है। इसके बाद वे शिव मंदिर के पास स्थित 'जी की दुकान' पर भी पहुंचे और वहां भी नशा बेचने का झूठा आरोप लगाकर पैसे ऐंठने की कोशिश की, लेकिन वहां लोगों की भीड़ जमा होने के कारण वे मौके से फरार हो गए।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए करनाल सदर थाना पुलिस ने 2 अगस्त को एएसआई मनजीत के बयान पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, वाहन के विवरण और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इन फर्जी अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इस घटना ने स्थानीय व्यापारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी बनकर आता है, तो पहले उनका पहचान पत्र मांगें और किसी भी प्रकार के दबाव में आकर पैसे न दें। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अ
    अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • स
    सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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