दमोह: सुनार नदी में मिला महिला का शव, पुलिस की देरी से 8 किलोमीटर तक बहती रही लाश
दमोह जिले के हटा क्षेत्र से निकली सुनार नदी में रविवार रात एक महिला का शव मिला। पुलिस के देर से पहुंचने के कारण महिला का शव नदी के तेज बहाव में करीब 8 किलोमीटर तक बह गया, जिसे बाद में काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।

मोहम्मद नवेद
एडिटर

घटनाक्रम और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
दमोह जिले के हटा क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सुनार नदी में रविवार की शाम एक महिला का शव मिलने से हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने जब नदी में शव को तैरते हुए देखा, तो उन्होंने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। हालांकि, इस मामले में पुलिस की तत्परता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि सूचना देने के बाद भी पुलिस टीम मौके पर पहुंचने में काफी देरी की, जिसका परिणाम यह हुआ कि शव नदी के तेज बहाव में बहकर घटनास्थल से करीब 8 किलोमीटर दूर घुराघाट तक पहुंच गया।
रविवार शाम करीब 6 बजे हारट गांव के समीप ग्रामीणों ने नदी में शव देखा था। पुलिस को दी गई सूचना के बाद भी जब टीम समय पर नहीं पहुंची, तो शव लगातार बहता रहा। अंततः एसडीओपी के हस्तक्षेप और निर्देश के बाद पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम सक्रिय हुई। टीम ने नाव की मदद से नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद रात करीब 9 बजे शव को बाहर निकाला जा सका।
मृतक की पहचान और परिजनों का बयान
शव बरामद होने के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर जानकारी साझा की गई, जिससे मृतक की पहचान 35 वर्षीय रामबाई के रूप में हुई। रामबाई मगरौन थाना क्षेत्र के कनोरा रामनगर की निवासी थी और हीरा पटेल की पत्नी थी। परिजनों के अनुसार, महिला शनिवार शाम से ही घर से लापता थी, जिसकी तलाश की जा रही थी।
परिजनों को जैसे ही इस दुखद घटना की सूचना मिली, वे अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हटा के सिविल अस्पताल भेज दिया है। फिलहाल, महिला की मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। क्या यह डूबने की घटना है या इसके पीछे कोई अन्य आपराधिक पहलू है, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा।
जांच की दिशा और पुलिस की भूमिका
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वे हर पहलू से मामले की छानबीन कर रहे हैं। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि महिला घर से किन परिस्थितियों में निकली थी और नदी तक कैसे पहुंची। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का सही समय और कारण दर्ज होने के बाद जांच की दिशा तय की जाएगी।
इस घटना ने स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और पुलिस रिस्पॉन्स टाइम को लेकर चर्चाओं को जन्म दिया है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि पुलिस ने सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की होती, तो शव को इतनी दूर बहने से बचाया जा सकता था और शायद साक्ष्य जुटाने में भी आसानी होती। फिलहाल, पुलिस प्रशासन इस मामले में किसी भी तरह की कोताही बरतने के आरोपों पर चुप्पी साधे हुए है और पूरी तरह से जांच प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करने की बात कह रहा है।
आने वाले दिनों में पुलिस की जांच रिपोर्ट ही यह तय करेगी कि यह एक हादसा था या कोई साजिश। फिलहाल, शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और क्षेत्र में इस घटना को लेकर शोक का माहौल है।

एडिटर
मोहम्मद नवेद
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!