चरखी दादरी फायरिंग कांड: मुख्य साजिशकर्ता अमरदीप का पुलिस मुठभेड़ में एनकाउंटर, दोनों पैरों में लगी गोली
चरखी दादरी के सिटी थाना के फायर फायरिंग करने के केस में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी के दौरान कार्रवाई करते हुए सीआईए टीम व आरोपी के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस द्वारा जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोलियां लगी है।

मुश्ताक अहमद खान
Editor In Chief

हरियाणा के चरखी दादरी में सिटी थाना क्षेत्र के बाहर हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता अमरदीप उर्फ पंकज को पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। सीआईए (CIA) टीम के साथ हुई इस मुठभेड़ में आरोपी के दोनों पैरों में गोलियां लगी हैं, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गोपालवास के पास हुई मुठभेड़
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीआईए की टीम लंबे समय से आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर जब पुलिस ने घेराबंदी की, तो दादरी के गोपालवास के पास आरोपी अमरदीप और पुलिस का आमना-सामना हो गया। इस दौरान हुई जवाबी कार्रवाई में अमरदीप घायल हो गया। पुलिस ने उसके पास से एक अवैध हथियार भी बरामद किया है। घटना के बाद से ही पुलिस की टीमें पूरे इलाके में सक्रिय थीं।
यह पूरा मामला 6 अगस्त का है, जब कोर्ट के पास अमित फतेहगड़ियां और उसके साथियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई थी। इस हमले में करीब 30 राउंड गोलियां चलाई गई थीं। इस हमले का मुख्य मकसद अमित फतेहगड़ियां को खत्म करना था। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में हिसार निवासी कीर्तिमान की मौत हो गई थी, जबकि अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
शरीर से निकाली गईं 20 गोलियां
हमले के बाद घायलों को रोहतक और बाद में गुरुग्राम के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की टीम ने जटिल ऑपरेशन कर घायलों के शरीर से कुल 20 गोलियां निकाली थीं। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, कीर्तिमान के शरीर से 3, कृष्ण के शरीर से 4, अमित फतेहगड़िया के शरीर से 7, अंकित (मानकावास) के शरीर से 4 और अंकित (भिवानी) के शरीर से 2 गोलियां निकाली गई थीं। घायलों में से कीर्तिमान ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस पूरी वारदात की साजिश दादरी के साहूवास गांव में रची गई थी। शूटरों ने सुनियोजित तरीके से इस हमले को अंजाम दिया था। पुलिस ने इस मामले में पहले भी कार्रवाई करते हुए शूटर रोहित कातिया को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया था, जिसके पैर में भी गोली लगी थी। इसके अलावा, भिवानी के सांगा गांव निवासी युद्धविंद्र को भी पुलिस ने घटना में संलिप्तता के चलते गिरफ्तार किया है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और हमले के पीछे के असली कारणों का पता लगाया जा सके। अमरदीप के पकड़े जाने के बाद पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले से जुड़े अन्य फरार आरोपियों तक भी जल्द पहुंचा जा सकेगा। फिलहाल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और क्षेत्र में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।
इस मामले में पकड़े गए शूटर रोहित ने एक वीडियो के जरिए यह स्वीकार किया था कि वह अपने साथियों के साथ अमित फतेहगड़िया को निशाना बनाने आया था। पुलिस अब इस वीडियो और अन्य सबूतों को आधार बनाकर आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में मजबूत चालान पेश करने की तैयारी कर रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

Editor In Chief
मुश्ताक अहमद खान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!