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चंडीगढ़ में 54 साल पुरानी इमारत ढही, मलबे में दबकर दो लोगों की मौत

Chandigarh mein 54 saal purani 2 manjila building gir gayi. Building ke malbe mein dabe sabhi logon ko bahar nikal liya gaya.

मोहम्मद फ़ैज़ान

मोहम्मद फ़ैज़ान

संपादक

5 जुलाई 20262 मिनट पढ़ें 685
चंडीगढ़ में 54 साल पुरानी इमारत ढही, मलबे में दबकर दो लोगों की मौत
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इंडस्ट्रियल एरिया में हुआ बड़ा हादसा

चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में शनिवार शाम को एक बड़ा हादसा पेश आया, जहां 54 साल पुरानी दो मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस दुर्घटना में मलबे के नीचे दबने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और बचाव दलों में हड़कंप मच गया।

मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी तरुण जैन (45) और तरुण कौशिश (48) के रूप में हुई है। वहीं, मलबे से सुरक्षित निकाले गए कुलदीप सिंह, कुलबीर सिंह, उमेश, राहुल और अजीत का अस्पताल में इलाज चल रहा है। बचाव कार्य के दौरान सेना, एनडीआरएफ और चंडीगढ़ प्रशासन की टीमें मौके पर डटी रहीं।

साढ़े पांच घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसा शाम करीब 4:20 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत गिरने से पहले भूकंप जैसा झटका महसूस हुआ था। मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए करीब साढ़े पांच घंटे तक गहन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। बचाव दल ने जेसीबी की मदद से लेंटर को हटाया ताकि अंदर फंसे लोगों तक हवा पहुंच सके और उनकी जान बचाई जा सके।

एनडीआरएफ की टीम को हादसे के करीब ढाई घंटे बाद सूचित किया गया, जिसके चलते उनके पहुंचने में देरी हुई। एनडीआरएफ अधिकारी संजीव कोहली ने बताया कि अंतिम चरण में दो लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया, जिनमें से एक बेहोश था। टीम ने पूरी सावधानी के साथ लेंटर को सुरक्षित कर बचाव कार्य को अंजाम दिया।

इमारत की जर्जर हालत और प्रशासन की लापरवाही

यह इमारत 1972 में बनी थी और इसे हाल ही में 15 दिन पहले किराए पर लिया गया था। इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष एमपीएस चावला ने बताया कि इमारत काफी पुरानी थी और वहां स्क्रैप का काम चल रहा था। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के कारण सीलन और जर्जर ढांचे के चलते यह हादसा हुआ है। मेयर सौरभ जोशी ने बताया कि इमारत में रेनोवेशन का काम भी चल रहा था।

इस घटना के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर की असुरक्षित इमारतों का सर्वे करने का निर्णय लिया है। एस्टेट ऑफिस और सीएफएसएल की टीमें अब घटनास्थल का मुआयना करेंगी ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। प्रशासन अब पुरानी और जर्जर इमारतों को लेकर सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है।

दो दिनों में दूसरा बड़ा हादसा

मानसून के दस्तक देते ही चंडीगढ़ में यह दो दिनों के भीतर दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले 3 जुलाई को चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (CCET) के पुराने मल्टीपर्पज हॉल की छत गिर गई थी। गनीमत रही कि वह इमारत पहले ही असुरक्षित घोषित कर खाली करा ली गई थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। लगातार हो रही बारिश ने शहर के पुराने ढांचों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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टिप्पणियाँ (2)

  • अमित कुमार2 घंटे पहले

    बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।

  • सपना ठाकुर4 घंटे पहले

    ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!

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