आगरा: क्रिप्टो निवेश के नाम पर 16 लाख की ठगी, सदमे में बुजुर्ग की गई जान
आगरा में साइबर अपराधियों ने एक बुजुर्ग को विदेशी क्रिप्टो मार्केट में भारी मुनाफे का झांसा देकर 16 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। अपने जीवन भर की पूंजी गंवाने का सदमा बुजुर्ग सहन नहीं कर सके।

मोहम्मद फ़ैज़ान
संपादक

आगरा में साइबर अपराधियों का खौफनाक खेल
आगरा में साइबर अपराधियों द्वारा की गई एक बड़ी धोखाधड़ी ने एक परिवार की खुशियां छीन ली हैं। विदेशी क्रिप्टो मार्केट में भारी मुनाफे का लालच देकर एक बुजुर्ग से 16 लाख रुपये से अधिक की ठगी की गई। जीवन भर की जमा-पूंजी लुट जाने के सदमे को बुजुर्ग सहन नहीं कर सके और कुछ ही दिनों में उनका निधन हो गया। इस घटना ने शहर में साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित के बेटे नकुल शर्मा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनके पिता राकेश शर्मा को 'नाका सॉल्यूशंस' नामक एक संस्था के जरिए जाल में फंसाया गया था। आरोपियों ने खुद को सरकारी मान्यता प्राप्त बताकर बुजुर्ग का भरोसा जीता। शुरुआत में छोटे निवेश के जरिए उन्हें मुनाफे का झांसा दिया गया, जिससे उनका विश्वास और गहरा हो गया।
फर्जी ऐप और कन्वर्जन फीस का जाल
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग किया, जिसमें बुजुर्ग को निवेश पर काल्पनिक मुनाफा दिखाया गया। जब राकेश शर्मा ने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की, तो जालसाजों ने उन्हें कन्वर्जन फीस और सिक्योरिटी फीस के नाम पर बार-बार पैसे जमा करने के लिए मजबूर किया। इस तरह से उनसे कुल 16.17 लाख रुपये ऐंठ लिए गए।
ठगी का अहसास होने के बाद बुजुर्ग गहरे मानसिक तनाव में चले गए थे। 9 फरवरी 2026 को उनका निधन हो गया। पीड़ित पुत्र ने पुलिस को उन बैंक खातों का विवरण सौंपा है जिनमें यह राशि ट्रांसफर की गई थी। साइबर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
डिजिटल अरेस्ट और साइबर अपराध का बढ़ता खतरा
आगरा में साइबर ठगी से मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले सितंबर 2024 में भी एक शिक्षिका मालती वर्मा की मौत का मामला सामने आया था। उस समय ठगों ने 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर और उनकी बेटी को फंसाने की धमकी देकर उनसे पैसे मांगे थे। उस मानसिक दबाव के कारण शिक्षिका को दिल का दौरा पड़ा था।
विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधी अब लोगों की भावनाओं और डर का फायदा उठाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। विदेशी निवेश के नाम पर होने वाले क्रिप्टो स्कैम में अक्सर लोग अपनी पूरी बचत खो देते हैं। पुलिस प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि किसी भी अनजान लिंक या निवेश योजना पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें।
पुलिस की कार्रवाई और सतर्कता की अपील
वर्तमान मामले में पुलिस ने एसबीआई, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और बंधन बैंक के खातों को ट्रैक करना शुरू कर दिया है। साइबर सेल की टीम उन मोबाइल नंबरों और आईपी एड्रेस की भी जांच कर रही है जिनका उपयोग इस धोखाधड़ी में किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
यह घटना आम नागरिकों के लिए एक चेतावनी है। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ वित्तीय लेनदेन करने से पहले बैंक या संबंधित सरकारी संस्था से पुष्टि करना अनिवार्य है। साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर या नजदीकी साइबर थाने पर रिपोर्ट करना ही बचाव का एकमात्र रास्ता है।

संपादक
मोहम्मद फ़ैज़ान
टिप्पणियाँ (2)
- अअमित कुमार2 घंटे पहले
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। FN News पर भरोसा बना रहता है।
- ससपना ठाकुर4 घंटे पहले
ग्वालियर-चंबल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!